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CBSE ने 'ओनमार्क पोर्टल' की सुरक्षा के लिए तैनात की IIT और सरकारी साइबर विशेषज्ञों की टीम, जाने पूरा विवाद

सीबीएसई ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच अपने सर्विस प्रोवाइडर के 'ओनमार्क पोर्टल' में सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए आईआईटी और सरकारी साइबर विशेषज्ञों की टीम तैनात की है. बोर्ड ने दावा किया है कि पकड़ी गई खामियों को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है

CBSE ने 'ओनमार्क पोर्टल' की सुरक्षा के लिए तैनात की IIT और सरकारी साइबर विशेषज्ञों की टीम, जाने पूरा विवाद
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CBSE Row:  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपनी डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उपजे विवाद के बीच रविवार को बड़ा कदम उठाया है. सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी दी कि उसने अपने सर्विस प्रोवाइडर के 'ओनमार्क पोर्टल' में सामने आई सुरक्षा खामियों पर कड़ी नजर रखी हुई है. इन तकनीकी कमजोरियों को दूर करने और सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सरकार की विभिन्न एजेंसियों और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की एक टीम को काम पर लगाया गया है.

बोर्ड ने बयान में स्पष्ट किया है कि पोर्टल में पहचानी गई सुरक्षा खामियों को पूरी तरह से नियंत्रित (कंटेन) कर लिया गया है. विशेषज्ञ टीम पिछले कुछ दिनों से इस प्लेटफॉर्म को अधिक सुरक्षित सेटअप पर स्थानांतरित करने और किसी भी अन्य संभावित कमजोरी को खत्म करने के लिए काम कर रही है.  यह भी पढ़े:  CBSE Class 12 Result Re-Evaluation 2026: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट पुनर्मूल्यांकन के लिए री-इवैल्यूएशन विंडो आज से शुरू, cbse.gov.in और cbseit.in पर ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

 नागरिकों का बोर्ड ने जताया आभार

सीबीएसई ने उन सतर्क नागरिकों और एथिकल हैकर्स (नैतिक हैकर्स) के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने सार्वजनिक डोमेन में इस तकनीकी कमजोरी की ओर ध्यान आकर्षित किया था. बोर्ड ने बताया कि वह इनमें से कुछ लोगों के साथ सीधे संपर्क में भी है ताकि सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक पुख्ता किया जा सके.

बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में उठाई जा रही चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए ही सिस्टम को मजबूत करने की यह कवायद शुरू की गई है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के लाखों छात्रों के मूल्यांकन से जुड़े इस डेटाबेस में दोबारा कोई तकनीकी सेंधमारी या विसंगति न होने पाए.

डिजिटल मूल्यांकन टेंडर प्रक्रिया पर उठे थे गंभीर सवाल

सीबीएसई का यह कदम ऐसे समय में आया है जब बोर्ड को अपने पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल में तकनीकी विफलताओं और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में विसंगतियों के आरोपों के बाद भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है. इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखी गई है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के टेंडर आवंटन की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे. कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया था कि एक विशेष निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने और उसे ठेका दिलाने के लिए तकनीकी नियमों में बार-बार ढील दी गई थी.

तकनीकी मानकों में ढील देने के लगे आरोप

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए आरोप लगाया था कि सीबीएसई ने 'कोएम्प्ट' (COEMPT) नामक कंपनी को अनुबंध देने से पहले टेंडर की शर्तों में कई बार बदलाव किए थे.

आरोपों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान स्कैनिंग रेजोल्यूशन मानकों, रोबोटिक स्कैनर की आवश्यकताओं और सॉफ्टवेयर प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) से जुड़े कई कड़े तकनीकी नियमों को आसान बना दिया गया था. इन विवादों के बीच अब सीबीएसई पूरे सिस्टम को तकनीकी और प्रशासनिक रूप से सुरक्षित साबित करने की कोशिश में जुट गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2026 04:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).