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Bakrid 2026: बांग्लादेश में 'डोनाल्ड ट्रम्प' नाम का दुर्लभ एल्बिनो भैंसा बकरीद की कुर्बानी से बचा; राष्ट्रीय चिड़ियाघर में मिला नया घर

बांग्लादेश में बकरीद (ईद-उल-अजहा) के मौके पर दी जाने वाली पारंपरिक कुर्बानी से 'डोनाल्ड ट्रम्प' नाम के एक अत्यंत दुर्लभ एल्बिनो (सफेद) भैंसे को आखिरी वक्त पर बचा लिया गया है. अपने सिर पर सुनहरे बालों के अनूठे गुच्छे और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति से शारीरिक समानता के कारण यह भैंसा सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो गया था. जनता की भारी दिलचस्पी और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश सरकार ने हस्तक्षेप कर इसकी कुर्बानी रुकवाई और इसे ढाका के राष्ट्रीय चिड़ियाघर में स्थानांतरित कर दिया है.

Bakrid 2026: बांग्लादेश में 'डोनाल्ड ट्रम्प' नाम का दुर्लभ एल्बिनो भैंसा बकरीद की कुर्बानी से बचा; राष्ट्रीय चिड़ियाघर में मिला नया घर
एल्बिनो भैंसा (Photo Credits: File Image)

ढाका/नई दिल्ली, 28 मई: बांग्लादेश (Bangladesh) से ईद-उल-अजहा (Eid-ul-Adha) यानी बकरीद (Bakrid) के त्योहार के बीच एक बेहद अनोखी और दिलचस्प खबर सामने आई है. अपने सिर पर सुनहरे बालों के अनूठे गुच्छे के कारण "डोनाल्ड ट्रम्प" (Donald Trump) उपनाम से मशहूर हुए एक दुर्लभ एल्बिनो (सफेद) भैंसे को आखिरी क्षणों में सरकारी हस्तक्षेप के बाद पारंपरिक कुर्बानी से बचा लिया गया है. लगभग 700 किलोग्राम वजनी इस विशालकाय और शांत स्वभाव के पशु को एक खरीदार ने गुरुवार, 29 मई को होने वाली बकरीद की कुर्बानी के लिए पहले ही खरीद लिया था. लेकिन बुधवार, 28 मई को बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने सुरक्षा चिंताओं और जनता के बीच उपजी अभूतपूर्व दीवानगी को देखते हुए इस सौदे को रद्द करवा दिया और भैंसे के जीवन को जीवनदान दिया. यह भी पढ़ें: Mumbai Bakrid Sacrifice Row: मुंबई के दिंडोशी में बकरीद से पहले तनाव, हाउसिंग सोसायटी में खुले में कुर्बानी का BJP पार्षद प्रीति साटम ने किया विरोध; नियमों के पालन की मांग

गृह मंत्री के सीधे आदेश पर रुकवाई गई कुर्बानी; खरीदार को मिला रिफंड

इस अनोखे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने खुद हस्तक्षेप किया. उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश जारी कर भैंसे को पारंपरिक अनुष्ठान से सुरक्षित बाहर निकालने का आदेश दिया। मंत्रालय के इस कड़े रुख के बाद, आयोजकों ने भैंसे के मूल खरीदार को उसकी पूरी रकम वापस (Full Refund) कर दी.

इसके तुरंत बाद, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और पशुधन अधिकारियों की देखरेख में इस कीमती जीव को राजधानी ढाका स्थित 'बांग्लादेश राष्ट्रीय चिड़ियाघर' (Bangladesh National Zoo) में सुरक्षित स्थानांतरित कर दिया गया. गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "इस भैंसे की दुर्लभ प्रजाति, कम उम्र और इसे देखने के लिए उमड़ रही जनता की भारी भीड़ के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह आखिरी मिनट का फैसला लिया गया."

सोशल मीडिया पर मचाया था तहलका; देखने के लिए उमड़ी थीं भीड़

यह दुर्लभ सफेद भैंसा तब अचानक चर्चा में आया जब इसके अनोखे रूप-रंग और शांत व्यवहार के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. इसके बाद ढाका के केरानीगंज (Keraniganj) इलाके में स्थित संबंधित डेयरी फार्म पर इसे देखने के लिए लोगों का तांता लग गया. कई लोग तो इस अनोखे जीव की एक झलक पाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके पहुंचे थे.

फार्म के मालिक जियाउद्दीन मृधा ने इसके नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी बताते हुए कहा कि यह नाम उनके छोटे भाई ने एक हल्के-फुल्के मजाक के तौर पर रखा था. उनके भाई ने सबसे पहले नोटिस किया कि भैंसे के सिर का सुनहरा-ग्रे बालों का गुच्छा हूबहू पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशिष्ट हेयरस्टाइल से मिलता-जुलता है. मृधा के अनुसार, यह भैंसा बेहद सीधा है लेकिन इसके रखरखाव के लिए बहुत विशेष देखभाल, बार-बार भोजन देने के शेड्यूल और इसकी त्वचा की सफेदी बनाए रखने के लिए नियमित रूप से स्नान कराने की आवश्यकता होती है.

स्थानीय पशु बाजार में एल्बिनो प्रजाति का होना एक बड़ा चमत्कार

बांग्लादेश के पारंपरिक मौसमी पशु बाजारों के इतिहास में किसी मवेशी का इस तरह कुर्बानी से बच जाना बेहद असाधारण माना जाता है. ईद-उल-अजहा के दौरान बांग्लादेश में हर साल लाखों मवेशियों—मुख्य रूप से गाय, बकरियां, भेड़ और गहरे काले रंग के भैंसों—का व्यापार और कुर्बानी दी जाती है.

चूंकि दक्षिण एशियाई क्षेत्र में पाए जाने वाले अधिकांश भैंसे काले या गहरे भूरे रंग के होते हैं, इसलिए इस एल्बिनो (सफेद) भैंसे का बाजार में आना अपने आप में एक बड़ा कौतूहल था. हालांकि इसके आकर्षक रंग और राजनीतिक उपनाम ने शुरुआत में इसे खरीदारों के लिए सबसे पसंदीदा और महंगा दांव बनाया था, लेकिन अंततः इसी वायरल लोकप्रियता और राजनीतिक जुड़ाव ने इसकी जान बचाने में एक सुरक्षा कवच की भूमिका निभाई.

(The above story first appeared on LatestLY on May 28, 2026 09:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).