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Ayodhya Hanumangarhi Row: सीएम योगी आदित्यनाथ के दावे पर पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह का पलटवार, बोले- 'हनुमानगढ़ी में कभी नहीं पढ़ी गई नमाज' (Watch Video)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान को लेकर भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सार्वजनिक रूप से असहमति जताई है. बृजभूषण सिंह ने कहा कि अयोध्या के ऐतिहासिक हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में कभी भी नमाज नहीं पढ़ी गई. उन्होंने लोगों को इस परिसर के सही इतिहास को जानने की सलाह दी.

Ayodhya Hanumangarhi Row: सीएम योगी आदित्यनाथ के दावे पर पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह का पलटवार, बोले- 'हनुमानगढ़ी में कभी नहीं पढ़ी गई नमाज' (Watch Video)
बृज भूषण शरण सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo Credits: ANI)

गोंडा: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की सियासत में अयोध्या के ऐतिहासिक हनुमानगढ़ी मंदिर (Hanumangarhi Temple) को लेकर एक नया वैचारिक और ऐतिहासिक विवाद खड़ा हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Former MP Brijbhushan Sharan Singh) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के उस हालिया बयान को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है, जिसमें विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंदिर परिसर में नमाज पढ़े जाने की बात कही गई थी. गोंडा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बृजभूषण सिंह ने दृढ़ता से कहा कि पूर्ववर्ती गैर-भाजपा सरकारों के कार्यकाल में भी हनुमानगढ़ी परिसर के भीतर कभी कोई इस्लामी प्रार्थना या नमाज नहीं पढ़ी गई. उन्होंने इस नैरेटिव को पूरी तरह से तथ्यहीन बताया. यह भी पढ़ें: सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला: अयोध्या में बोले- 'क्या जामा मस्जिद के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ हो सकता है?'

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से कहा, "हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई... ऐसा कहना पूरी तरह गलत है. लोगों को यह जानना चाहिए कि हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुस्लिम द्वारा कराया गया था, और इसका उल्लेख वहां लगे एक शिलालेख (stone inscription) पर भी स्पष्ट रूप से दर्ज है."

सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर साधा था निशाना

यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस सार्वजनिक संबोधन के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस सहित पूर्ववर्ती विपक्षी सरकारों पर तीखा हमला बोला था. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि अतीत की सरकारों के दौरान तुष्टिकरण की नीति के तहत अयोध्या के पावन हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर के भीतर भी नमाज अदा करने की छूट दे दी गई थी. सीएम के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया था, लेकिन अब अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद के काउंटर स्टेटमेंट ने इस पर नई बहस छेड़ दी है.

‘हनुमानगढ़ी एक मुसलमान ने बनवाई थी’

नवाबों के काल और मंदिर निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ऐतिहासिक तथ्यों और स्थानीय दस्तावेजों के अनुसार, हनुमानगढ़ी मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है और यह नागा साधुओं की सर्वोच्च पीठ में से एक माना जाता है. अयोध्या के स्थानीय इतिहास और अवध के इतिहास से जुड़े ग्रंथों में अक्सर इस बात का उल्लेख मिलता है कि 18वीं शताब्दी के दौरान अवध के नवाब शुजा-उद-दौला और नवाब आसफ-उद-दौला ने हनुमानगढ़ी के निर्माण और उसके विस्तार के लिए भूमि अनुदान (Land Grants) और वित्तीय सहायता प्रदान की थी. हालांकि, पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह द्वारा जिस शिलालेख का जिक्र किया गया है, उसे लेकर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों या मंदिर ट्रस्ट की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.

यूपी की क्षेत्रीय राजनीति में आंतरिक मतभेद

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ताधारी दल के एक वरिष्ठ और प्रभाव रखने वाले पूर्व नेता की तरफ से मुख्यमंत्री के बयान का इस तरह सीधा खंडन करना उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में एक दुर्लभ घटना है. बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या के धार्मिक स्थलों और उनके ऐतिहासिक ताने-बाने को लेकर अक्सर तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है. इस विरोधाभास ने न केवल सोशल मीडिया पर आम जनता का ध्यान खींचा है, बल्कि विपक्षी दलों को भी सरकार पर सवाल उठाने का एक मौका दे दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 17, 2026 05:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).