सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला: अयोध्या में बोले- 'क्या जामा मस्जिद के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ हो सकता है?'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के बीकापुर में एक जनसभा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने हनुमान गढ़ी की पवित्रता का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि क्या कभी जामा मस्जिद के भीतर हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति मिल सकती है, तो फिर पिछली सरकारों ने हनुमान गढ़ी पर नमाज पढ़ने की कोशिशें क्यों होने दीं.
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister of Uttar Pradesh) योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को विपक्ष पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. अयोध्या (Ayodhya) के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र (Bikapur Assembly Constituency) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या किसी को कभी जामा मस्जिद के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ करने की अनुमति दी जाएगी? उन्होंने पिछली सरकारों पर अयोध्या की दशकों तक उपेक्षा करने और पवित्र हनुमान गढ़ी मंदिर की शुचिता की रक्षा करने में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया. सीएम योगी ने कहा कि जो लोग आज आस्था की बात करते हैं, उन्होंने एक समय हमारे पवित्र धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक तुष्टिकरण को बढ़ावा दिया था. यह भी पढ़ें: वाराणसी में लगे अनोखे राजनीतिक पोस्टर: '3 बार चाय वाला, 27 में गाय वाला', योगी आदित्यनाथ को फिर सीएम बनाने की उठी मांग
'विपक्ष की सरकारों में हनुमान गढ़ी की सीढ़ियों पर हुआ पाप'
बीकापुर में आयोजित सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अतीत की स्थिति को याद किया. उन्होंने कहा कि अयोध्या को लंबे समय तक उसके बुनियादी अधिकारों और विकास से वंचित रखा गया. यहां आने वाले श्रद्धालु सरयू नदी के दर्शन और आशीर्वाद से भी कतराते थे क्योंकि चारों तरफ गंदगी ही इस ऐतिहासिक नगरी की पहचान बन चुकी थी.
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने सीधे शब्दों में पूछा:
"जरा सोचिए, क्या कोई कभी जामा मस्जिद के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकता है? क्या कोई भी सरकार, चाहे वह समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस, ऐसा करा सकती है? अगर नहीं, तो हनुमान गढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों होने दिया गया? इसके लिए कौन जिम्मेदार था?"
नवंबर 2003 के घटनाक्रम से जुड़ा है संदर्भ
आधिकारिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार, मुख्यमंत्री का इशारा प्रत्यक्ष तौर पर नवंबर 2003 में हुए एक घटनाक्रम की ओर था. उस दौरान भगवान हनुमान को समर्पित ऐतिहासिक मंदिर हनुमान गढ़ी के बाहरी परिसर में नमाज अदा करने का एक कथित प्रयास किया गया था. हालांकि, तत्कालीन कानून व्यवस्था और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी थी.
मुख्यमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि पिछली सरकारों ने आस्था के केंद्रों को हमेशा विवादों में उलझाए रखने का काम किया, चाहे वह काशी का मुद्दा हो या अयोध्या का. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अयोध्या में 'जय श्री राम' का नारा लगाने वालों पर लाठीचार्ज और गोलियां चलाई जाती थीं और यह डर फैलाया जाता था कि यदि राम मंदिर बना तो खून की नदियां बहेंगी. लेकिन आज डबल-इंजन सरकार के सत्ता में होने के कारण भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हुआ और कानून के राज में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है.
432 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात
विपक्ष पर निशाना साधने के साथ ही मुख्यमंत्री ने अयोध्या के आधुनिक कायाकल्प का विवरण भी जनता के सामने रखा. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने अयोध्या को इस तरह बदल दिया है जो पिछले 500 वर्षों में संभव नहीं हो पाया था. आज की अयोध्या विरासत के संरक्षण और आधुनिक विकास का एक सफल और बेहतरीन मिश्रण पेश करती है.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 432 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 217 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि जनता ने विकास के उस मॉडल को चुना है जो इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी पुनर्स्थापित करता है.
राम मंदिर चढ़ावे और वक्फ बोर्ड विवाद पर टिप्पणी
बिना किसी का नाम लिए मुख्यमंत्री ने हाल ही में राम मंदिर के चढ़ावे और प्रबंधन को लेकर खड़े किए गए राजनीतिक विवादों पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल आस्था के मामलों पर राजनीति करना जानते हैं, जबकि सरकार का पूरा ध्यान अयोध्या के सांस्कृतिक गौरव को वापस लाने पर केंद्रित है.
उन्होंने विपक्ष पर भगवान राम से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि के नाम पर बने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और निषादराज गुह के नाम पर बने रैन बसरों का भी विरोध किया गया था. इसके साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम और निषादराज गुह की ऐतिहासिक मिलन स्थली 'शृंगवेरपुर' में वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन हड़पने के प्रयास किए गए थे, जिसे वर्तमान सरकार ने पूरी तरह विफल कर दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2026 04:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

