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Trump-Putin Summit Cancel: ट्रंप और पुतिन की होने वाली मुलाकात हुई कैंसिल, रूस ने यूक्रेन पर रख दीं ऐसी शर्तें कि अमेरिका ने खींचे हाथ

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली बैठक रद्द कर दी गई है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन में युद्धविराम के लिए अपनी कड़ी शर्तें (जैसे जमीन छोड़ना और NATO में शामिल न होना) दोहराईं. इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने ट्रंप को बताया कि रूस बातचीत को तैयार नहीं है, जिसके बाद यह समिट कैंसिल कर दिया गया.

Trump-Putin Summit Cancel: ट्रंप और पुतिन की होने वाली मुलाकात हुई कैंसिल, रूस ने यूक्रेन पर रख दीं ऐसी शर्तें कि अमेरिका ने खींचे हाथ
अमेरिका इस साल रूस-यूक्रेन युद्ध को रुकवाने के लिए कई कोशिशें कर चुका है. (Photo : X)

Trump-Putin Summit Canceled: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली एक अहम बैठक रद्द कर दी गई है. फाइनेंशियल टाइम्स (FT) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक इसलिए कैंसिल हुई क्योंकि मॉस्को (रूस) ने वाशिंगटन (अमेरिका) को एक मेमो भेजा था, जिसमें यूक्रेन के साथ युद्धविराम (लड़ाई रोकने) के लिए अपनी पुरानी और कड़ी मांगें दोहराई गई थीं.

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और पुतिन इस महीने हंगरी के बुडापेस्ट में मिलने के लिए तैयार हुए थे. इस मीटिंग का मकसद रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर चर्चा करना था. लेकिन कुछ ही दिनों बाद ट्रंप ने अचानक इस शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया.

FT की रिपोर्ट से पता चलता है कि बैठक से पहले रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को एक मेमो भेजा था. इस मेमो में रूस ने साफ कर दिया कि वह युद्धविराम के लिए अपनी कड़ी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा.

रूस की मांगें क्या हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की मांगों में ये तीन मुख्य बातें शामिल हैं:

  1. यूक्रेन क्षेत्रीय रियायतें दे (यानी अपनी कुछ जमीन रूस को दे दे).
  2. यूक्रेन का विसैन्यीकरण (demilitarization) किया जाए, यानी वह अपनी सेना और हथियार कम करे.
  3. यूक्रेन गारंटी दे कि वह भविष्य में कभी भी NATO (एक सैन्य संगठन) में शामिल नहीं होगा.

अमेरिका ने क्यों खींचे हाथ?

फाइनेंशियल टाइम्स ने तीन सूत्रों के हवाले से बताया कि रूस का यह मेमो मिलने के बाद अमेरिका ने शिखर सम्मेलन को रद्द करने का फैसला किया. यह फैसला रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अमेरिकी विदेश मंत्री (सेक्रेटरी ऑफ स्टेट) मार्को रूबियो के बीच हुई एक फोन कॉल के बाद लिया गया.

कहा जा रहा है कि रूबियो ने राष्ट्रपति ट्रंप को सीधे तौर पर बता दिया कि मॉस्को (रूस) बातचीत के लिए कोई इच्छा नहीं दिखा रहा है और अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है.

ट्रंप के दावों के बावजूद शांति की कोशिशें फेल

अमेरिका इस साल रूस-यूक्रेन युद्ध को रुकवाने के लिए कई कोशिशें कर चुका है, लेकिन उसे कोई खास सफलता नहीं मिली है. यह स्थिति तब है जब ट्रंप पहले कई बार यह दावा कर चुके हैं कि अगर वे राष्ट्रपति बने तो कुछ ही दिनों में यह युद्ध खत्म करा देंगे.

इसी महीने की शुरुआत में ट्रंप की यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ भी एक तनाव भरी मुलाकात हुई थी. हालांकि, इन सब तनातनी के बावजूद अमेरिका की तरफ से यूक्रेन को सैन्य मदद और हथियारों की खेप भेजी जा रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 31, 2025 11:17 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).