Who is Sergio Gor? जानिए कौन हैं सर्जीयो गोर? जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप ने बनाया भारत के लिए अगला अमेरिकी राजदूत, क्या सुधर पाएंगे India-USA के बिगड़ते संबंध
सर्जीयो गोर, डोनाल्ड ट्रंप(Credit: X/@MihirkJha)

Who is Sergio Gor? अमेरिकी(USA) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) ने अपने करीबी सहयोगी सर्जीयो गोर को भारत(India) के लिए अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में नामित किया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, कूटनीति और अन्य मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है. सर्जीयो गोर की नियुक्ति भारत-अमेरिका संबंधों में एक नया अध्याय खोल सकती है. हालांकि उनके पास पारंपरिक कूटनीतिक अनुभव नहीं है, लेकिन ट्रंप के साथ उनके करीबी रिश्ते और व्यावसायिक समझ दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने में मददगार हो सकती है. आइए जानते हैं कि कौन हैं सर्जीयो गोर और क्या वे भारत-अमेरिका के रिश्तों में सुधार ला सकेंगे? अमेरिकी टैरिफ को लेकर हमारी सबसे बड़ी शक्ति 'घरेलू उपभोग', भारत-चीन के रिश्ते भी अहम; एक्सपर्ट

भारत की सरकार और कूटनीतिक समुदाय गोर की नीतियों और दृष्टिकोण का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं. आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या वे दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी का आधार बना सकेंगे या मौजूदा चुनौतियां और भी जटिल हो जाएंगी. फिलहाल, गोर की नियुक्ति अमेरिकी सीनेट की पुष्टि का इंतजार कर रही है. पुष्टि के बाद वे औपचारिक रूप से भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभालेंगे और तब जाकर उनकी वास्तविक कूटनीतिक क्षमताओं का परीक्षण होगा.

डोनाल्ड ट्रंप ने सर्जीयो गोर को बनाया भारत के लिए अगला अमेरिकी राजदूत

कौन हैं सर्जीयो गोर?

 

सर्जीयो गोर का वास्तविक नाम सर्गेई गोरोखोवस्की है, जिनका जन्म 1987 में उज्बेकिस्तान के ताशकंद में हुआ था. बचपन में उनका परिवार अमेरिका चला गया, जहां वे पले-बढ़े. गोर ने जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और कॉलेज के दिनों से ही रिपब्लिकन राजनीति में सक्रिय हो गए. उनका राजनीतिक करियर 2007 में शुरू हुआ जब उन्होंने सीनेटर रैंड पॉल के कैंपेन डायरेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला.

इसके बाद उन्होंने कई रिपब्लिकन नेताओं के साथ काम किया और 2016 में डोनाल्ड ट्रंप की प्रेसिडेंशियल कैंपेन का हिस्सा बने. वर्तमान में सर्जीयो गोर व्हाइट हाउस के प्रेसिडेंशियल पर्सनेल ऑफिस के निदेशक हैं और इस भूमिका में वे ट्रंप प्रशासन में लगभग 4,000 पदाधिकारियों की नियुक्तियों में केंद्रीय भूमिका निभा चुके हैं.

डोनाल्ड ट्रंप के साथ खास रिश्ता

ट्रंप ने गोर को अपना महान मित्र और भरोसेमंद साथी बताया है. सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए ट्रंप ने लिखा, "सबसे अधिक जनसंख्या वाले इस क्षेत्र के लिए मुझे किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जिस पर मैं पूरी तरह भरोसा कर सकूं." यह बयान दर्शाता है कि गोर की नियुक्ति ट्रंप की व्यक्तिगत पसंद और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है.

गोर को न केवल भारत बल्कि पूरे दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष राजदूत का पद भी दिया गया है. इसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देश शामिल हैं. यह दोहरी जिम्मेदारी इस क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती रुचि को दर्शाती है.

भारत-अमेरिका संबंधों की वर्तमान स्थिति

वर्तमान में भारत-अमेरिका के संबंधों में कई चुनौतियां हैं:

व्यापारिक विवाद: ट्रंप प्रशासन ने भारत पर उच्च टैरिफ लगाने की धमकी दी है. भारत से आयात होने वाले सामानों पर 100% तक का टैक्स लगाने की बात कही गई है.

वीजा और इमिग्रेशन मुद्दे: H-1B वीजा और अन्य कार्य वीजा को लेकर नई नीतियां भारतीय आईटी पेशेवरों को प्रभावित कर सकती हैं.

कूटनीतिक तनाव: विभिन्न भू-राजनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं.

गोर की नियुक्ति से क्या उम्मीदें?

सकारात्मक पहलू:

  • गोर का मध्य एशियाई मूल भारत और पड़ोसी देशों की समझ में मददगार हो सकता है
  • ट्रंप के साथ उनके करीबी रिश्ते से द्विपक्षीय मुद्दों को सीधे राष्ट्रपति तक पहुंचाने में आसानी होगी
  • व्यावसायिक पृष्ठभूमि से व्यापारिक संबंधों में सुधार की संभावना

चुनौतियां:

- विदेश नीति और कूटनीति में सीमित अनुभव

- भारत और दक्षिण एशियाई मामलों की गहरी जानकारी का अभाव

- ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" नीति के चलते कड़े रुख की संभावना

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि गोर की नियुक्ति से भारत-अमेरिका संबंधों में मिश्रित परिणाम हो सकते हैं. एक तरफ जहां उनकी ट्रंप के साथ निकटता फायदेमंद हो सकती है, वहीं उनकी अनुभवहीनता चिंता का विषय है.