Masood Azhar's Brother Anwar Dies: जैश सरगना मसूद अजहर को बड़ा झटका, भाई ताहिर अनवर की संदिग्ध हालात में पाकिस्तान में मौत
Mohammad Tahir Anwar (Photo Credits: X/@braddy_Codie05)

Masood Azhar's Brother Anwar Dies: प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर के भाई और संगठन के वरिष्ठ सदस्य मोहम्मद ताहिर अनवर की पाकिस्तान में मौत हो गई है. आतंकी संगठन के आधिकारिक सूचना चैनलों ने मंगलवार को इस खबर की पुष्टि की. जानकारी के मुताबिक, ताहिर अनवर का अंतिम संस्कार सोमवार देर रात बहावलपुर स्थित जामिया मस्जिद उस्मान वाली में किया गया.

मौत का कारण अभी भी रहस्य

हालांकि संगठन ने ताहिर अनवर की मौत की पुष्टि कर दी है, लेकिन इसकी वजह का खुलासा नहीं किया गया है. किसी बीमारी या विशिष्ट घटना की जानकारी न होने के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषकों के बीच इसकी मौत को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. ताहिर अनवर पिछले कई वर्षों से जैश के संगठनात्मक ढांचे में एक प्रमुख रणनीतिकार के रूप में सक्रिय था.  यह भी पढ़े:  ‘मसूद अजहर छिपा हुआ है’, एआई प्रोपेगेंडा के बावजूद जैश कार्यकर्ताओं का मोहभंग

जैश-ए-मोहम्मद में ताहिर की भूमिका

ताहिर अनवर संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष नेतृत्व का हिस्सा था. यह संगठन भारत में 2001 के संसद हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले जैसे कई बड़े आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है. ताहिर की मौत को संगठन के आंतरिक नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.

अजहर परिवार को लगा एक और झटका

पिछले कुछ समय से मसूद अजहर के परिवार के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण रही हैं. सितंबर 2025 में संगठन के कमांडरों ने अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार किया था कि भारतीय सैन्य अभियानों के दौरान मसूद अजहर के कई करीबी रिश्तेदार मारे गए हैं. यह कार्रवाई पहलगाम में हुई एक बड़ी सुरक्षा घटना के जवाब में की गई थी.

'ऑपरेशन सिंदूर' और आतंकी बुनियादी ढांचे पर असर

भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा बहावलपुर में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत जैश के मुख्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था. इन सटीक हमलों में संगठन के मुख्य केंद्र 'जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह' को भारी नुकसान पहुँचा था. 2025 के अंत की रिपोर्टों के अनुसार, मसूद अजहर की बहन और कई भतीजों सहित लगभग 10 रिश्तेदार इन ऑपरेशनों में मारे गए थे.

सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर

खुफिया एजेंसियां फिलहाल बहावलपुर की स्थिति पर नजर रख रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि ताहिर अनवर की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है या वह पिछले हमलों में लगी चोटों का परिणाम है. बहावलपुर अभी भी जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य मुख्यालय बना हुआ है. ताहिर के अंतिम संस्कार के दौरान मस्जिद के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखी गई, जो संगठन में उसके ऊंचे कद को दर्शाती है.

फिलहाल पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि मसूद अजहर के करीबी सदस्यों के लगातार खत्म होने से संगठन की परिचालन क्षमता पर गहरा असर पड़ सकता है.