India Bangladesh Relations 2025: भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में मिठास लाने की कोशिश, मुहम्मद यूनुस ने पीएम मोदी को भेजे 'हरिभंगा आम'; जानें क्या होगा इसका असर
भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में थोड़ी खटास जरूर आई है, लेकिन अब इस रिश्ते में फिर से मिठास घोलने की कोशिश की जा रही है – वो भी आम के जरिए.
Muhammad Yunus Sends Mangoes To PM Mod: भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में थोड़ी खटास जरूर आई है, लेकिन अब इस रिश्ते में फिर से मिठास घोलने की कोशिश की जा रही है – वो भी आम के जरिए. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने भारत के लिए 1,000 किलो 'हरिभंगा' आम भेजे हैं. इसे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सद्भावना का संदेश माना जा रहा है. इस कन्साइनमेंट को 'मैंगो डिप्लोमेसी' का नाम दिया जा रहा है. सोमवार को यह खास तोहफा नई दिल्ली पहुंचेगा. बांग्लादेश हाई कमीशन के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है.
यूनुस सरकार ने सिर्फ भारत सरकार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा को भी आम भेजे हैं.
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क्या है 'हरिभंगा' आम की खासियत?
हरिभंगा बांग्लादेश के उत्तरी क्षेत्र रांगपुर का मशहूर आम है, जो स्वाद, खुशबू और आकार के लिए पहचाना जाता है. इसे बांग्लादेश का 'राजा आम' भी कहा जाता है.
क्यों खास है यह पहल?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया था. हसीना सरकार का भारत से अच्छा तालमेल रहा है. लेकिन यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार ने चीन और पाकिस्तान की ओर झुकाव दिखाया, जिससे भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास बढ़ गई.
कूटनीति में मिठास लाने की पहल
प्रो. यूनुस की यह आम भेजने की पहल, राजनयिक भाषा में एक सॉफ्ट डिप्लोमेसी मानी जा रही है. इसका मकसद है भारत के साथ फिर से बातचीत और विश्वास का माहौल बनाना. इससे पहले अप्रैल में यूनुस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात बैंकॉक में BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. उस वक्त पीएम मोदी ने लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया था.
चीन का बढ़ता दखल और भारत की रणनीति
विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन लगातार बांग्लादेश और पाकिस्तान में अपने प्रभाव को मजबूत कर रहा है – चाहे वो हथियारों की डील हो या कर्ज की सियासत. भारत इस इलाके में शांति और स्थिरता चाहता है. ऐसे में ‘मैंगो डिप्लोमेसी’ जैसे इशारे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
क्या यह मिठास टिकेगी?
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह कूटनीतिक आम दोनों देशों के रिश्तों में नई जान डाल पाएंगे या नहीं. भारत ने पहले ही कहा है कि वह सभी मुद्दों पर "सकारात्मक माहौल" में बात करने के लिए तैयार है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 13, 2025 09:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

