Food Crisis in Pakistan: पाकिस्तान में गहराया खाद्य संकट, 1 करोड़ से अधिक लोग भुखमरी की कगार पर! UN रिपोर्ट में चिंताजनक खुलासा
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Food Crisis in Pakistan:  संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा जारी '2026 ग्लोबल रिपोर्ट ऑन फूड क्राइसिस' ने पाकिस्तान की बदहाल स्थिति की एक डरावनी तस्वीर पेश की है. शुक्रवार को जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को दुनिया के उन 10 देशों की सूची में शामिल किया गया है जहाँ खाद्य असुरक्षा (Food Insecurity) अपने चरम पर है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की करीब 1.1 करोड़ आबादी इस वक्त खाने की गंभीर कमी और भुखमरी का सामना कर रही है, जिससे उनके जीवन पर संकट मंडरा रहा है.

दुनिया के टॉप 10 संकटग्रस्त देशों में शामिल

UN की ताजा रिपोर्ट में पाकिस्तान को अफगानिस्तान, नाइजीरिया, यमन और सूडान जैसे देशों के साथ दुनिया के सबसे संवेदनशील केंद्रों में रखा गया है. आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक पाकिस्तान दुनिया के 10 सबसे बड़े खाद्य संकट वाले क्षेत्रों में से एक बन गया. प्रभावित लोगों में से लगभग 93 लाख लोग 'संकट' की स्थिति में हैं, जबकि 17 लाख से अधिक लोग 'गंभीर खाद्य असुरक्षा' का सामना कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर अस्तित्व का खतरा पैदा करता है.  यह भी पढ़े: Pakistan Petrol-Diesel Price Hike: ईरान-इजराइल युद्ध के बीच पाकिस्तान में महंगाई का बड़ा झटका, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल, जानें नए रेट

जलवायु परिवर्तन और बाढ़ ने तोड़ी कमर

रिपोर्ट में पाकिस्तान में जारी इस संकट के पीछे जलवायु परिवर्तन (Climate Change) को एक प्रमुख कारक बताया गया है. साल 2025 में पाकिस्तान ने भारी मानसूनी बारिश और विनाशकारी बाढ़ का सामना किया, जिससे करीब 60 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए. इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल उपजाऊ खेती की जमीन को तबाह कर दिया, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे और लोगों की आजीविका को भी पूरी तरह खत्म कर कर दिया.

आर्थिक चुनौतियां और कुपोषण की मार

खाद्य असुरक्षा के साथ-साथ पाकिस्तान का पोषण संबंधी विश्लेषण भी बेहद चिंताजनक है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के तीन प्रांत—बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध—कुपोषण के लिहाज से 'चिंताजनक' क्षेत्रों की श्रेणी में हैं. आर्थिक अस्थिरता और आसमान छूती महंगाई ने आम आदमी की पहुँच से बुनियादी भोजन को दूर कर दिया है. मानवीय सहायता में आ रही कमी ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है.

2026 के लिए निराशाजनक भविष्यवाणियाँ

विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अगर वैश्विक संघर्ष और स्थानीय आर्थिक चुनौतियों का समाधान जल्द नहीं निकाला गया, तो 2026 में भूख का स्तर और अधिक बढ़ सकता है. मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान में बढ़ते राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के बीच सूखा और खाद्य आपूर्ति में व्यवधान इस संकट को और अधिक भयावह बना सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई है कि वे इस मानवीय संकट को टालने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें.