बीजिंग, 3 अगस्त : चीन (China) ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करने के लिए बीजिंग (Beijing) के थियानमेन चौक पर एक भव्य समारोह आयोजित किया, जिसमें रूस और उत्तर कोरिया के नेताओं को आमंत्रित किया गया. इस आयोजन ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है, विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की तीखी प्रतिक्रिया के कारण. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में चीन, रूस और उत्तर कोरिया पर अमेरिका के खिलाफ साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) को यह याद रखना चाहिए कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने चीन को विदेशी आक्रमण से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी. उन्होंने कहा कि इस युद्ध में कई अमेरिकी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई, और उनके बलिदान को चीन को सम्मान देना चाहिए. ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई कि यह समारोह शी जिनपिंग और चीनी जनता के लिए गौरवपूर्ण होगा. साथ ही, उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को अपनी शुभकामनाएं दीं, लेकिन इसे व्यंग्यात्मक रूप से पेश करते हुए कहा कि ये तीनों देश मिलकर अमेरिका के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं. यह भी पढ़ें : India-Russia Oil Deal: रूस ने निभाई दोस्ती! भारत को कच्चे तेल पर दिया बंपर डिस्काउंट, ट्रंप की बेचैनी बढ़ी
यह आयोजन चीन की सैन्य शक्ति और क्षेत्रीय प्रभाव को प्रदर्शित करने का एक प्रयास माना जा रहा है. थियानमेन चौक पर आयोजित इस समारोह में आधुनिक हथियारों, मिसाइलों और सैन्य टुकड़ियों का प्रदर्शन किया गया. रूस और उत्तर कोरिया की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी चर्चा का विषय बना दिया. वहीं, ट्रंप की टिप्पणी ने वैश्विक कूटनीति में तनाव को बढ़ाने का काम किया है. विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि यह तीनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का भी संकेत हो सकता है. इस बीच, अमेरिका ने इस आयोजन पर कड़ी नजर रखने की बात कही है.













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