मॉस्को [रूस], 7 सितंबर: रूस में विकसित कोलन कैंसर वैक्सीन (Colon Cancer Vaccine) प्रीक्लिनिकल ट्रायल में पास हो चुकी है और अब यह जल्द ही इस्तेमाल के लिए तैयार है. इस वैक्सीन ने 100% प्रभावशीलता दिखाई है. जिससे सुरक्षा के भी सकारात्मक संकेत मिलते हैं. यह जानकारी संघीय चिकित्सा एवं जैविक एजेंसी ( Federal Medical and Biological Agency (FMBA) की प्रमुख वेरोनिका स्क्वोर्त्सोवा (Veronika Skvortsova) ने व्लादिवोस्तोक में आयोजित 10वें पूर्वी आर्थिक मंच (Eastern Economic Forum) (EEF) के दौरान साझा किया. स्क्वोर्त्सोवा ने बताया का रिसर्च पिछले कई सालों से चल रहा था और बीते तीन सालों में व्यापक प्रिक्लिनिकल रिसर्च किये गए. वैक्सीन अब इस्तेमाल के लिए तैयार है. अब सिर्फ ऑफिशियल अप्रूवल का इंतजार है. यह भी पढ़ें; Unique Blood Group Discovered: भारत में मिला दुनिया का सबसे अनोखा ब्लड ग्रुप 'CRIB', जानें क्यों हैरान हैं वैज्ञानिक
स्क्वोर्त्सोवा ने बताया कि ट्रायल में वैक्सीन के बार-बार उपयोग के बाद भी कोई गंभीर साइड इफ़ेक्ट नहीं गया, और यह 60% से 80% तक ट्यूमर के आकार और वृद्धि में कमी लाने में सक्षम रहा. इसके साथ ही, मरीजों की जीवित रहने की दर में भी सुधार देखा गया. वैक्सीन का प्राइमरी टार्गेट कोलोरेक्टल (कोलन) कैंसर है, लेकिन साथ ही ग्लियोब्लास्टोमा और आय मेलेनोमा सहित कुछ अन्य कैंसर प्रकारों के लिए भी वैक्सीन को अडवांस में विकसित किया जा रहा है.
इस वैक्सीन के कारण अब कैंसर जैसी बिमारी लड़ना आसान हो जाएगा. इसके कारण भविष्य में कैंसर से रोकथाम की जा सकती है. इसके अलावा साइंटिस्ट अब ऐसे वैक्सीन भी विकसित कर रहे हैं इम्यून सिस्टम को कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और उन्हें जड़ से ख़त्म कर पाएंगे. अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, वर्तमान में कुछ प्रोस्टेट और मूत्राशय कैंसर (Bladder Cancer) के लिए वैक्सीन उपलब्ध हैं और कई अन्य पर शोध जारी है.
ये वैक्सीन प्रयोगशाला में तैयार किए गए ऐसे पदार्थ होते हैं जो शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर कैंसर से लड़ने या उसे रोकने में मदद करते हैं. इनमें से कुछ टीकों का इस्तेमाल इलाज के लिए, और कुछ का रोकथाम के लिए किया जाता है. जैसे कि एचपीवी वैक्सीन, जो गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम में मदद करता है.













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