काम के दौरान Sex से हुई मौत, चीन की अदालत ने बताया Industrial Accident; परिवार को मिलेगा मुआवजा
चीन में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 60 वर्षीय सुरक्षा गार्ड की काम के दौरान अपनी प्रेमिका के साथ सेक्स करते समय मौत हो गई. खास बात यह है कि चीन की एक अदालत ने इस मौत को 'औद्योगिक दुर्घटना' (Industrial Accident) करार दिया है.
बीजिंग: चीन में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 60 वर्षीय सुरक्षा गार्ड की काम के दौरान अपनी प्रेमिका के साथ सेक्स करते समय मौत हो गई. खास बात यह है कि चीन की एक अदालत ने इस मौत को 'औद्योगिक दुर्घटना' (Industrial Accident) करार दिया है. अब मृतक के परिवार को मुआवजा और बीमा लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है.
मृतक झांग नामक यह व्यक्ति बीजिंग की एक छोटी फैक्ट्री में अकेले सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था. रिपोर्ट्स के अनुसार, वह लगातार काम कर रहा था और उसे छुट्टियां नहीं मिलती थीं. 6 अक्टूबर 2014 को, जब वह फैक्ट्री की सुरक्षा कक्ष में आराम कर रहा था, उसी दौरान उसकी प्रेमिका उससे मिलने आई. दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने और उसी दौरान झांग की अचानक मौत हो गई. पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इसमें कोई आपराधिक साजिश नहीं थी और मौत स्वाभाविक थी.
पहले नहीं मिला था मुआवजा
एक साल बाद, झांग के बेटे झांग जियाओशी ने बीजिंग के सोशल सिक्योरिटी ब्यूरो में मुआवजे के लिए आवेदन किया. लेकिन यह कहकर अर्जी खारिज कर दी गई कि मौत के समय झांग ड्यूटी पर नहीं था, बल्कि व्यक्तिगत गतिविधियों में शामिल था.
इसके बाद झांग ज़ियाओशी ने 2016 में सोशल सिक्योरिटी कार्यालय और फैक्ट्री के खिलाफ केस दायर किया. उन्होंने अदालत में तर्क दिया कि उनके पिता को लगातार ड्यूटी पर रखा गया, इसलिए वो अपनी भावनात्मक जरूरतों को भी उसी स्थान पर पूरा करने को मजबूर थे. ऐसे में यह मौत काम के दौरान हुई मानी जानी चाहिए.
अदालत का फैसला
अपील कोर्ट ने सुनवाई के बाद यह कहा कि "जैसे किसी कर्मचारी को पानी पीने और बाथरूम जाने का अधिकार है, वैसे ही उसे भावनात्मक और शारीरिक संबंध बनाने का भी अधिकार है." इसके आधार पर अदालत ने माना कि झांग की मौत एक औद्योगिक दुर्घटना है और इंडस्ट्रियल इंजरी इंश्योरेंस नियम के तहत इसे वर्कप्लेस डेथ माना जाना चाहिए.
मुआवजे का रास्ता साफ
हालांकि सोशल सिक्योरिटी विभाग और फैक्ट्री प्रशासन ने इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील की, लेकिन वहां भी पहले के फैसले को बरकरार रखा गया. 2017 में सोशल सिक्योरिटी विभाग ने पुष्टि की कि झांग की मौत को अब ऑक्यूपेशनल एक्सीडेंट माना गया है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि परिवार को कितना मुआवज़ा मिलेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2025 06:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

