LPG, PNG, CNG या LNG? पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) के बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. भारत अपनी एलपीजी (LPG) जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है. इस संकट को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है. सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत ईंधन आपूर्ति के लिए एक सख्त प्राथमिकता सूची लागू की है.
घरेलू एलपीजी उत्पादन में 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है ताकि 33 करोड़ परिवारों को आपूर्ति सुचारू रूप से मिलती रहे. इसके साथ ही, सरकार बुनियादी ढांचे के करीब रहने वाले 60 लाख परिवारों से पीएनजी (PNG) अपनाने की अपील कर रही है ताकि सिलेंडरों पर निर्भरता कम हो सके. यह भी पढ़े: Maharashtra LPG Crisis: महाराष्ट्र में गैस संकट पर बोले सीएम फडणवीस, प्रदेश में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं, कांग्रेस सिर्फ अफवाह फैला रही है; VIDEO
ईंधन के प्रकार: संरचना और उपयोग
उपभोक्ताओं के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि एलपीजी, पीएनजी, सीएनजी और एलएनजी में क्या अंतर है, खासकर तब जब बाजार में कीमतों और डिलीवरी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
| ईंधन का प्रकार | पूरा नाम | मुख्य घटक | प्राथमिक उपयोग |
| LPG | लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस | प्रोपेन और ब्यूटेन | घरेलू रसोई (सिलेंडर) |
| PNG | पाइप्ड नेचुरल गैस | मीथेन | शहरी रसोई (पाइप के जरिए) |
| CNG | कंप्रेस्ड नेचुरल गैस | मीथेन | परिवहन (ऑटो, बस, कार) |
| LNG | लिक्विफाइड नेचुरल गैस | मीथेन | औद्योगिक उपयोग और बिजली संयंत्र |
घरेलू रसोई: LPG बनाम PNG में कौन बेहतर?
आम भारतीय रसोई के लिए मुकाबला पारंपरिक लाल सिलेंडर (LPG) और आधुनिक पाइपलाइन (PNG) के बीच है.
-
LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस): यह तेल रिफाइनिंग का एक सह-उत्पाद है जिसे मध्यम दबाव में सिलेंडरों में भरा जाता है. यह हवा से भारी होती है, इसलिए रिसाव होने पर यह जमीन पर जमा हो जाती है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है.
-
PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस): यह कम दबाव पर ग्रिड के माध्यम से सीधे रसोई तक पहुंचती है. यह हवा से हल्की होती है और रिसाव होने पर ऊपर की ओर फैल जाती है, जो इसे बहुमंजिला इमारतों के लिए अधिक सुरक्षित विकल्प बनाती है. वर्तमान में, सरकार पीएनजी आपूर्ति को 100 प्रतिशत क्षमता पर प्राथमिकता दे रही है.
औद्योगिक और परिवहन की शक्ति: CNG और LNG
रसोई के अलावा, अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा सीएनजी और एलएनजी पर निर्भर है.
-
CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस): यह मीथेन है जिसे बहुत उच्च दबाव पर स्टोर किया जाता है. सार्वजनिक परिवहन के लिए यह पेट्रोल और डीजल का सबसे प्रमुख विकल्प है. मार्च 2026 के नए दिशानिर्देशों के तहत, सीएनजी को आपूर्ति की शीर्ष श्रेणी में रखा गया है.
-
LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस): लंबी दूरी के परिवहन के लिए प्राकृतिक गैस को -162 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जाता है, जिससे इसका आयतन 600 गुना कम हो जाता है. भारत में वर्तमान संकट का बड़ा कारण खाड़ी देशों से एलएनजी शिपमेंट में आई बाधा है.
2026 का ईंधन संकट और सरकार के कदम
वर्तमान स्थिति ने भारत की आयात निर्भरता को उजागर किया है. हालांकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) ने 10 करोड़ से अधिक परिवारों तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाया है, लेकिन इसने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता भी बढ़ाई है. इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं.
-
रिफाइनरी निर्देशों के माध्यम से घरेलू एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की वृद्धि की गई है.
-
व्यावसायिक क्षेत्रों (होटल और रेस्तरां) के लिए आपूर्ति को सीमित किया गया है, जिससे वे बायोमास या इंडक्शन स्टोव जैसे विकल्पों को अपना रहे हैं.
-
"वन नेशन, वन गैस ग्रिड" का विस्तार किया गया है ताकि मौजूदा पाइपलाइनों वाले शहरों में सिलेंडरों का दबाव कम किया जा सके.
बाजार की स्थिति और उपभोक्ता सुरक्षा
15 मार्च तक, नई दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है, जिसमें हाल ही में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. अधिकारियों ने 'पैनिक-बुकिंग' के खिलाफ चेतावनी दी है और कहा है कि औसत डिलीवरी चक्र अभी भी 2.5 दिनों पर स्थिर है.
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक दरों पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) प्रणाली का उपयोग करें. किसी भी कालाबाजारी की शिकायत के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1906 पर संपर्क किया जा सकता है.












QuickLY