Malaysia Shocker: पत्नी को तलाक नहीं देने की बात पर भड़की प्रेमिका, शादीशुदा प्रेमी का काट दिया प्राइवेट पार्ट, बांग्लादेश की महिला मलेशिया में गिरफ्तार

जोहोर, मलेशिया: एक 34 साल की बांग्लादेशी महिला (Bangladeshi Woman) ने अपने प्रेमी पर जानलेवा हमला कर दिया और उसका प्राइवेट पार्ट (Private Part) काट दिया. ये घटना मलेशिया की बताई जा रही है. घटना मलेशिया (Malaysia) के जोहोर राज्य (Johor State) के गेलांग पाताह की बताई जा रही है. इस घटना के बाद महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है की उसका प्रेमी भी बांग्लादेश का ही रहनेवाला है. प्रेमी पहले से ही शादीशुदा है और उसने अपनी पत्नी से तलाक नहीं लिया था. जिसके कारण दोनों के बीच में विवाद हुआ और इस विवाद में प्रेमिका ने इस भयानक घटना को अंजाम दिया.

बताया जा रहा है की महिला ने अपने प्रेमी पर एक बड़े चाकू से हमला कर दिया. इस हमले में प्रेमी का बायां हाथ भी बुरी तरह घायल हुआ है. शख्स को हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है. ये भी पढ़े:खौफनाक वारदात! प्रेमी का लिंग काटकर कूड़ेदान में फेंका, दोबारा प्रेग्नेंट होने पर प्रेमिका ने चाकू से गोदकर की हत्या

29 सेंटीमीटर लंबे चाकू से हमला

'न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक़ इस्कंदर पुत्री के पुलिस प्रमुख (Police Chief) एसीपी एम. कुमारासन ने बताया कि महिला ने अपने प्रेमी पर 29 सेंटीमीटर लंबे चाकू से हमला किया. उसने कई वार किए, जिसमें प्रेमी का बायां हाथ बुरी तरह जख्मी हुआ और प्राइवेट पार्ट पूरी तरह काट दिए गए. घायल युवक को तुरंत जोहोर बाह्रू के सुल्ताना अमीना हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.घटना के दो घंटे बाद ही पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी दोपहर करीब 12:15 बजे की गई. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है. महिला का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उसने ड्रग्स का सेवन भी नहीं किया था.

गैरकानूनी रूप से रह रही थी महिला

पुलिस ने बताया कि महिला के पास वैध प्रवास दस्तावेज (Valid Migration Document) नहीं थे. उसे 9 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. उस पर मलेशियाई दंड संहिता (Malaysian Penal Code) की धारा 326 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसके तहत किसी व्यक्ति को हथियार से गंभीर चोट पहुंचाने पर 20 साल की सजा और जुर्माना हो सकता है.इसके अलावा उस पर इमिग्रेशन एक्ट 1959/63 की धारा 6(1)(c) के तहत गैरकानूनी रूप से देश में रहने का मामला भी दर्ज किया गया है, जिसके तहत पांच साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.