कुआलालंपुर, 8 फरवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की मलेशिया यात्रा (Malaysia Visit) ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो रही है. रविवार को कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Malaysian Prime Minister Anwar Ibrahim) के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने साझा बयान जारी किया. पीएम अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें एक ऐसा 'सच्चा दोस्त' बताया, जिनके साथ बातचीत हमेशा 'विश्वास और समझ' से भरी होती है. दोनों देशों ने साल 2024 में अपने संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर उन्नत किया था, जिसे अब धरातल पर उतारने के लिए 11 महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. यह भी पढ़ें: India-US Trade Deal: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25% टैरिफ हटाने के आदेश पर किए हस्ताक्षर, भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील जारी
व्यापार और अर्थव्यवस्था: 'रुपये और रिंगिट' में होगा कारोबार
आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. अब भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार के लिए स्थानीय मुद्राओं— भारतीय रुपया (INR) और मलेशियाई रिंगिट (MYR)— के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.
- व्यापार लक्ष्य: साल 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 18.59 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। अब लक्ष्य इस आंकड़े को पार कर व्यापारिक रिश्तों को और अधिक संतुलित और टिकाऊ बनाना है.
- सेमीकंडक्टर और डिजिटल इकोनॉमी: दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को रणनीतिक प्राथमिकता दी है.
कोटा किनबालु में खुलेगा नया भारतीय दूतावास
दोनों देशों के बीच बढ़ते प्रगाढ़ संबंधों के प्रतीक के रूप में मलेशिया ने कोटा किनबालु (सबाह) में भारत का नया वाणिज्य दूतावास (Consulate) खोलने के निर्णय का समर्थन किया है. इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वहां रहने वाले भारतीय समुदाय और छात्रों को भी बड़ी राहत मिलेगी. यह भी पढ़ें: PM Modi’s Malaysia Visit Today: पीएम मोदी का मलेशिया दौरा आज, 800 से ज्यादा कलाकार करेंगे नृत्य प्रदर्शन, दर्ज होगा रिकॉर्ड
शिक्षा और शांति प्रयासों की सराहना
मलेशियाई पीएम ने भारतीय शिक्षण संस्थानों, विशेष रूप से 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की वैश्विक स्तर पर हो रही पहचान की सराहना की. उन्होंने कहा कि मलेशिया अब अपने अधिक छात्रों को शिक्षा के लिए भारत भेजने पर विचार करेगा. इसके अलावा, इब्राहिम ने रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (गाजा) के संकटों के समाधान के लिए पीएम मोदी द्वारा किए जा रहे शांति प्रयासों को 'स्पष्ट और दृढ़' बताया.
रक्षा और सुरक्षा पर साझा रुख
वार्ता के दौरान रक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों पर भी विस्तृत चर्चा हुई. पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में कोई 'दोहरा मापदंड' नहीं होगा। दोनों देशों ने खुफिया जानकारी साझा करने और सुरक्षा सहयोग को और अधिक संस्थागत बनाने पर सहमति जताई है.
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की 'एक्ट ईस्ट' (Act East Policy) नीति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.













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