हिंदी को बड़ा सम्मान, अबू धाबी में बनी अदालत की तीसरी आधिकारिक भाषा
हिंदी भाषा का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है. देश के बाहर हिंदी को उच्च दर्जा मिल रहा है. कनाडा के बाद अब अबू धाबी में भी हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त हुआ है. यहां हिंदी को कोर्ट में तीसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है.
हिंदी भाषा का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है. देश के बाहर हिंदी को उच्च दर्जा मिल रहा है. कनाडा के बाद अब अबू धाबी (Abu Dhabi) में भी हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त हुआ है. यहां हिंदी को कोर्ट में तीसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है. हिंदी अबू धाबी में कोर्ट की अरबी और अंग्रेजी का बाद तीसरा आधिकारिक भाषा होगी. अबू धाबी न्याय विभाग (ADJD) ने शनिवार को कहा कि उसने श्रम मामलों में अरबी और अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा को शामिल करके अदालतों के समक्ष दावों के बयान के लिए भाषा के माध्यम का विस्तार कर दिया है. एडीजेडी ने कहा इसका मकसद हिंदी भाषी लोगों को मुकदमे की प्रक्रिया, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सीखने में मदद करना है.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात की आबादी का करीब दो तिहाई हिस्सा विदेशों के प्रवासी लोग हैं. संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय लोगों की संख्या 26 लाख है जो देश की कुल आबादी का 30 फीसदी है और यह देश का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है. एडीजेडी के अवर सचिव युसूफ सईद अल अब्री ने कहा कि दावा शीट, शिकायतों और अनुरोधों के लिए बहुभाषा लागू करने का मकसद प्लान 2021 की तर्ज पर न्यायिक सेवाओं को बढ़ावा देना और मुकदमे की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है.
हिंदी एक आधुनिक भारत-आर्य भाषा है तथा यह भारतीय-यूरोपीय भाषाओं के परिवार से संबंधित भाषा है और संस्कृत की वंशज है, जो भारत के उत्तर-पश्चिमी सीमाओं में आर्यन बसने वालों की बोली से उद्भूत है. समय की अवधि के साथ विकास के विभिन्न चरणों से गुजरती हुई शास्त्रीय संस्कृत से पाली-प्राकृत और अपभ्रंश तक, हिन्दी का उद्भव 10वीं शताब्दी में पाया जाता है.
हिंदी को हिन्दवी, हिन्दुस्तान और खड़ी बोली के रूप में भी जाना जाता था. देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी (जो विश्व की वर्तमान लेखन प्रणाली के बीच सबसे वैज्ञानिक लेखन प्रणाली है) भारत गणराज्य की राष्ट्रीय आधिकारिक भाषा है और इसे दुनिया के सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा के रूप में स्थान दिया गया है. दुनियाभर में लगभग 600 मिलियन लोग हिंदी को पहली या दूसरी भाषा के रूप में बोलते हैं. 'वॉशिंगटन पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार हिंदी 2050 तक अधिकांश व्यावसायिक दुनिया पर हावी रहेगी.
(इनपुट भाषा से भी)
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 10, 2019 02:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

