Google History: रिसर्च प्रोजेक्ट से सर्च इंजन बनने तक... गूगल की कहानी है बेहद दिलचस्प, यहां पढ़े पूरी खबर
गूगल के संस्थापक लैरी पेज और सर्गी ब्रिन की मुलाकात 1995 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई थी, जब ब्रिन इस बात पर विचार कर रहे थे कि उन्हें वहां स्नातक स्कूल में दाखिला लेना है या नहीं. लैरी पेज को उसे चारों ओर दिखाने का काम सौंपा गया था और वे लगभग हर चीज़ पर असहमत थे.
नई दिल्ली, 30 सितम्बर: गूगल के संस्थापक लैरी पेज और सर्गी ब्रिन की मुलाकात 1995 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई थी, जब ब्रिन इस बात पर विचार कर रहे थे कि उन्हें वहां स्नातक स्कूल में दाखिला लेना है या नहीं. लैरी पेज को उसे चारों ओर दिखाने का काम सौंपा गया था और वे लगभग हर चीज़ पर असहमत थे. सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों ने अगले वर्ष एक बेहतर खोज इंजन (सर्च इंजन) का प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए अपने हॉस्टल के कमरों से कड़ी मेहनत की। इसकी शुरुआत वास्तव में एक रिसर्च प्रोजेक्ट के तौर पर हुई थी। इस तरह सर्च इंजन की शुरुआत हुई.
जिसका पहले नाम बैकरब रखा गया था। यह सर्च इंजन इंटरनेट पर वेबसाइटों के बीच लिंक के आधार पर पेजों को रैंक करता था. सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ सालों के बाद लैरी पेज और सर्गी ब्रिन ने कंपनी का नाम बदलकर गूगल रख दिया. यहां तक कि उन्होंने सुसान वोज्स्की से भी स्विच किया और 1,00,000 डॉलर की फंडिंग हासिल की. गूगल आईएनसी डॉट को इसकी आधिकारिक शुरुआत मिल गई.
सुसान वोज्स्की जो बाद में यूट्यूब का नेतृत्व करने लगीं, उसे गूगल ने अधिग्रहण कर लिया था. वह गैराज की मालिक थीं और गूगल की 16वीं कर्मचारी बन गईं. गूगल की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश, जब यह एक सार्वजनिक रूप से 2004 में कारोबार करने वाली कंपनी बन गई, तब से कई और बड़े व्यावसायिक कदम उठाए गए हैं. कंपनी ने जीमेल, एंड्रॉइड फोन बनाया और कुछ के नाम पर यूट्यूब का अधिग्रहण किया.
एक चीज़ जो लगातार बदलती कंपनी के साथ सुसंगत रही है, ''गूगल डूडल. होमपेज लोगों को 1998 से "डूडल" में बदल दिया गया. जब गूगल ने नेवादा में बर्निंग मैन फेस्टिवल को एक डूडल के साथ चिह्नित किया था, जो उत्सव में जली हुए लकड़ी के आदमी की तरह दिखता था. साल 2015 में गूगल लोगो को एक नया फॉन्ट मिला। उसी वर्ष, लैरी पेज ने घोषणा की कि अल्फाबेट गूगल की होल्डिंग कंपनी बन जाएगी. गूगल सर्च इंजन बना रहा. सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, लैरी पेज अल्फाबेट के सीईओ बने और सुंदर पिचाई को गूगल का सीईओ बनाया गया. साल 2019 में जब लैरी पेज ने पद छोड़ा तो सुंदर पिचाई भी अल्फाबेट के सीईओ बन गए और ब्रिन भी अध्यक्ष बने.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 30, 2023 05:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

