Sourav Ganguly Birthday Special: 51 साल के हुए पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली, यहां डाले उनके पांच 'दादागिरी' मोमेंट पर एक नजर
वनडे में 11,000 से अधिक रन और टेस्ट क्रिकेट में 7212 रन के साथ संन्यास लेने के बाद सौरव गांगुली ने क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटशन में प्रवेश किया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष बने. हालाँकि वह अब सत्ता में नहीं हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट पर उनके प्रभाव पर कोई संदेह नहीं कर सकता.
Happy Birthday Sourav Ganguly: सौरव गांगुली, जिन्हें प्यार से 'दादा' के नाम से जाना जाता है, भारत के महानतम क्रिकेटरों में से एक हैं. अपने खेल के दिनों में बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने शानदार स्ट्रोक खेल से टॉप गुणवत्ता वाले गेंदबाजों को परेशान करते हुए खूब रन बटोरे, इसके अलावा, वह गेंद से भी कई बार कमाल किए, विकत परिस्तिथियों में उन्होंने अपनी टीम को कई बार महत्वपूर्ण विकेट दिलाए. बल्ले और गेंद के साथ अपने कौशल के अलावा कोलकाता में जन्मे एक अच्छे कप्तान थे. उन्हें खेल की शोभा बढ़ाने वाले बेहतरीन लीडर में से एक माना जाता है. उनके नेतृत्व में भारत विश्व क्रिकेट में एक बड़ी ताकत बन गया था. यह भी पढ़ें: सौरव गांगुली के बायोपिक में आयुष्मान खुराना निभाएंगे उनका किरदार, ऐश्वर्या रजनीकांत कर सकती है डायरेक्ट- रिपोर्ट्स
गांगुली ने टीम में यह विश्वास पैदा किया कि वे कहीं भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं और किसी भी टीम को कड़ी टक्कर दे सकते हैं. चाहे बल्लेबाजी करते समय हो या सबसे बड़े मंच पर भारत का नेतृत्व करते समय गांगुली को मैदान पर हावी रहना पसंद था. 2012 में क्रिकेट करियर को अलविदा कहने के बाद भी उन्होंने कई मौकों पर कमेंट्री बॉक्स में अपनी 'दादागिरी' दिखाई. जैसा कि हम भारतीय दिग्गज का 51वां जन्मदिन मना रहे हैं, आइए उन क्षणों को फिर से याद करें जब उन्होंने दिखाया कि असली बॉस कौन है.
पांच वैसे पल जब सौरव गांगुली ने साबित की अपनी दादागिरी
गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी पर अपनी शर्ट लहराई
13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स में नेटवेस्ट सीरीज़ के फाइनल मुकाबले में भारत का मुकाबला इंग्लैंड से हुआ. दोनों टीमों ने क्रिकेट के मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया, लेकिन युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ की शानदार पारियों की बदौलत भारत विजयी हुआ. जब जहीर खान ने विजयी रन मारा, तो तत्कालीन भारतीय कप्तान गांगुली ने अपनी जर्सी उतार दी और पूरे उत्साह के साथ उसे लहराना शुरू कर दिया. यह आइकोनिक क्षण भारतीय क्रिकेट के कहानियो का हिस्सा बन गया.
ग्रेग चैपल के विवाद के बाद गांगुली ने की जोरदार वापसी
वर्ष 2005 और 2006 के दौरान, गांगुली का तत्कालीन भारतीय कोच ग्रेग चैपल के साथ मतभेद हो गया था और यह संभवतः उनके करियर का सबसे बुरा दौर था. सौरव को कप्तानी से बर्खास्त कर दिया गया और टीम से भी बाहर कर दिया गया. 2006 चैंपियंस ट्रॉफी और दक्षिण अफ्रीका में एकदिवसीय श्रृंखला में भारत के खराब प्रदर्शन के बाद, जिसमें 4-0 से हार हुई थी, दक्षिणपूर्वी को प्रोटियाज़ के खिलाफ टेस्ट टीम में शामिल किया गया था. गांगुली अपनी वापसी के बाद अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय पारी में कोलकाता में जन्मे खिलाड़ी ने शानदार अर्धशतक लगाया, जो दक्षिण अफ्रीकी धरती पर मेन इन ब्लू की पहली टेस्ट जीत में महत्वपूर्ण साबित हुआ.
गांगुली ने नासिर हुसैन को दिया करारा जवाब
गांगुली और नसीर हुसैन क्रिकेट के दो सुपरस्टार हैं. दोनों मैदान के अंदर और बाहर हंसी-मजाक करने से कभी नहीं कतराते थे. नसीर ने एक बार गांगुली से फीफा विश्व कप में भारत की भागीदारी की संभावना के बारे में पूछा था और इस पर पूर्व भारतीय कप्तान ने करारा जवाब दिया था.
नासिर: "मैं भारत को फीफा विश्व कप में कब देख सकता हूँ?"
गांगुली: "अगर भारत ने 50 साल तक फुटबॉल खेला होता, तो हम कम से कम एक बार फाइनल के लिए क्वालिफाई कर चुके होते."
गांगुली ने इसे रवि शास्त्री को वापस दे दिया
गांगुली और रवि शास्त्री मैदान के बाहर काफी हद तक मतभेदों में शामिल रहे हैं. एक खेल की कमेंट्री के दौरान रवि शास्त्री ने एक बार गांगुली पर कटाक्ष करने की कोशिश की और पूछा कि क्या ईडन गार्डन्स में उनके नाम पर कोई पवेलियन या स्टैंड है. 'द प्रिंस ऑफ कलकत्ता' ने शास्त्री को अपनी दवा का स्वाद चखाया.
शास्त्री: "कोलकाता के ईडन गार्डन्स में, क्या गांगुली पवेलियन या गांगुली स्टैंड है?"
गांगुली: "मैदान गांगुली का है!"
गांगुली ने पाकिस्तान को किया ट्रोल
भारत और पाकिस्तान के बीच प्रतिद्वंद्विता खेल में सबसे बड़ी है. 2015 से प्रसिद्ध मौका-मौला विज्ञापन में दो दिग्गज देशों के बीच के झगड़े को दर्शाया गया है. भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले से पहले हर्षा भोगले ने गांगुली से पूछा कि क्या उन्होंने मौका-मौका देखी है, महान क्रिकेटर ने एक आइकोनिक प्रतिक्रिया दी.
हर्ष: "क्या आपने नया 'मौका मौका' विज्ञापन देखा है?"
गांगुली: "हां, मैंने वह विज्ञापन देखा है और यह विज्ञापन अगले 10 से 12 साल तक वैसा ही रहेगा क्योंकि पाकिस्तान विश्व कप में भारत को कभी नहीं हरा पाएगा."
वनडे में 11,000 से अधिक रन और टेस्ट क्रिकेट में 7212 रन के साथ संन्यास लेने के बाद सौरव गांगुली ने क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटशन में प्रवेश किया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष बने. हालाँकि वह अब सत्ता में नहीं हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट पर उनके प्रभाव पर कोई संदेह नहीं कर सकता.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 08, 2023 08:49 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

