Sex Toys Legalisation: थाईलैंड में सियासी पार्टी का चुनावों से पहले बड़ा खेला, कहा- सत्ता में आए तो सेक्स टॉयज को करेंगे लीगल
थाईलैंड में एक रूढिवादी राजनीतिक दल ने आम चुनाव से पहले चुनावी दांव खेलते हुए सेक्स टॉयज के वैधीकरण का समर्थन किया है. राजनीतिक दल ने सेक्स टॉयज को वैध बनाने का संकल्प लिया है.
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Legalisation of Sex Toys: वैसे तो कई लोग चोरी-छिपे सेक्स टॉयज (Sex Toys) का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन थाइलैंड (Thailand) में एक रूढिवादी राजनीतिक दल ने आम चुनाव से पहले चुनावी दांव खेलते हुए सेक्स टॉयज के वैधीकरण (Legalisation of Sex Toys) का समर्थन किया है. राजनीतिक दल ने सेक्स टॉयज को वैध बनाने का संकल्प लिया है. डेमोक्रेट पार्टी के प्रतिनिधि रत्चादा शानादिरेक (Ratchada Thanadirek) ने कहा कि थाईलैंड में सेक्स टॉयज की तस्करी की जा रही है, भले ही उनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून हों. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि सरकार टैक्स इकट्ठा करने और ऐसे उत्पादों को विनियमित करने से चूक रही है.
आपको बता दें कि थाईलैंड में सेक्स टॉय बेचना गैरकानूनी है और ऐसा करने पर तीन साल तक की जेल की सजा या 1,400 पाउंड तक का जुर्माना हो सकता है. हालांक बैंकॉक के कुछ हिस्सों में सड़क के स्टालों पर सेक्स टॉयज खुलेआम बेचे जाते हैं. थाईलैंड की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी, डेमोक्रेट पार्टी को 2019 के चुनाव में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा और अगले महीने होने वाले मतदान से पहले चुनावों में पीछे चल रही है. यह भी पढ़ें: Sex on Giant Wheel: अमेरिकी कपल ने एम्यूजमेंट पार्क में आसमानी झूले पर किया सेक्स, हुए गिरफ्तार
रत्चादा ने कहा कि नीति के सामाजिक और आर्थिक लाभ होंगे. सेक्स टॉयज उपयोगी हैं, क्योंकि वे वेश्यावृत्ति में कमी लाने के साथ-साथ यौन कामेच्छा या सेक्स संबंधित अपराधों के चलते होने वाले तलाक को रोकने का कारण भी बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि जब इन उत्पादों को अवैध रुप से देश में लाया गया था तो कोई गुणवत्ता नियंत्रण नहीं था, जिसके कारण कुछ शॉर्ट-सर्किट के मामले सामने आए. डेमोक्रेटिक पार्टी थाईलैंड में सेक्स टॉय उद्योग स्थापित करने का समर्थन करती है और 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए इन वस्तुओं को वैध करेगी.
गौरतलब है कि पहले थाईलैंड की रूढ़िवादी राजशाही पार्टी के पास बैंकॉक और दक्षिण मध्यवर्गीय मतदाताओं के बीच मजबूत समर्थन आधार था. हालांकि साल 2019 के चुनाव में इसे अपने सामान्य गढ़ों में भारी नुकसान हुआ और राजधानी में एक भी सीट जीतने में विफल रही. कई मतदाताओं ने इसे सेना समर्थित पलंग प्रचारथ पार्टी का समर्थन करने के लिए छोड़ दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2023 09:37 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

