Digital Honey Trap: 'उमैर 7:11' और 'फातिमा जटोई' वीडियो के पीछे बड़ा साइबर खेल; क्या भारतीयों के खिलाफ डिजिटल हनी ट्रैप का हिस्सा हैं पाकिस्तानी 'लिंक'
मैरी और उमैर (Photo Credits: File Pic)

Digital Honey Trap: भारतीय सोशल मीडिया (Social Media) फीड्स पर इन दिनों पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर्स (Pakistani Influencers) के 'लीक' वीडियो (Leak Video) के नाम पर सर्च टर्म्स की बाढ़ आ गई है. ‘मैरी उमैर 7 मिनट 11 सेकंड’ (Marry Umair 7 minutes 11 seconds) और ‘फातिमा जटोई 6 मिनट 39 सेकंड’ (Fatima Jatoi 6 Minutes 39 Seconds) जैसे कीवर्ड्स एक्स (X), टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों (Cybersecurity Experts) ने चेतावनी दी है कि यह केवल गपशप या मनोरंजन नहीं, बल्कि एक समन्वित 'डिजिटल हनी ट्रैप' (Digital Honey Trap) अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय इंटरनेट यूजर्स के डिवाइस और निजी डेटा को निशाना बनाना है.

हालांकि ये ट्रेंड हानिरहित इंटरनेट गॉसिप लग सकते हैं, लेकिन इन्हें संभावित डिजिटल जाल के तौर पर देखा जा रहा है. इस बात की चिंता बढ़ रही है कि ये खास वायरल हुक पाकिस्तान से शुरू हुए एक कोऑर्डिनेटेड 'एंगेजमेंट बेट' कैंपेन का हिस्सा हैं, जिसे भारतीय यूजर्स को उनके डिवाइस और पर्सनल डेटा से समझौता करने के लिए लुभाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह भी पढ़ें: Fatima Jatoi Viral Video: फातिमा जटोई का '6 मिनट 39 सेकंड' का वायरल वीडियो ओरिजिनल है या AI का बनाया हुआ? जानें सच

मनोवैज्ञानिक खेल: सटीक 'टाइमस्टैम्प' का झांसा

यह घोटाला एक विशेष मनोवैज्ञानिक तरीके पर काम करता है. सामान्य ‘लीक वीडियो’ टाइटल के बजाय, ये ट्रेंड 7:11 या 6:39 जैसे सटीक समय (Timestamps) का उपयोग करते हैं.

  • भरोसा पैदा करना: सटीक समय देने से यूजर को यह भ्रम होता है कि कोई वास्तविक और अनएडिटेड वीडियो मौजूद है.
  • क्लिकबेट: जब यूजर इस विशेष वाक्यांश को सर्च करता है, तो उसे वीडियो के बजाय संदिग्ध वेबसाइटों या ‘लिंक-इन-बायो’ (Link-in-Bio) पेजों पर भेज दिया जाता है.

हनी ट्रैप का पैटर्न: डेटा और डिवाइस पर कब्जा

पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा भारतीय यूजर्स को निशाना बनाने का यह तरीका नया नहीं है. इस बार इसे 'मास स्केल' पर आजमाया जा रहा है.

  1. दोस्ती और लालच: अक्सर फर्जी प्रोफाइल के जरिए भारतीय यूजर्स से दोस्ती की जाती है और प्राइवेट चैट में इन 'एक्सक्लूसिव' वीडियो के लिंक देने का वादा किया जाता है.
  2. मालवेयर का हमला: इन लिंक्स पर क्लिक करते ही फोन में 'रिमोट एक्सेस ट्रोजन' (RAT) जैसे स्पाइवेयर इंस्टॉल हो सकते हैं, जो हैकर को आपकी लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स और गैलरी तक पहुंच दे देते हैं. यह भी पढ़ें: 7 Minutes 11 Seconds Viral MMS: सोशल मीडिया पर वायरल 'मैरी और उमैर' के वीडियो का क्या है सच? जानें गिरफ्तारी के दावों की हकीकत

भारत के लिए जोखिम: 'डिजिटल अरेस्ट' और व्हाट्सएप हैकिंग

विशेषज्ञों के अनुसार, इन लिंक्स पर क्लिक करने से होने वाले खतरे बेहद गंभीर हैं:

  • डिजिटल अरेस्ट: चुराए गए डेटा (नाम, फोटो, नंबर) का इस्तेमाल कर स्कैमर्स पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ितों को ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ या ‘ड्रग्स पार्सल’ के झूठे केस में डराते हैं और मोटी रकम वसूलते हैं.
  • व्हाट्सएप हाइजैकिंग (GhostPairing): कुछ स्क्रिप्ट्स आपके व्हाट्सएप को रिमोट डिवाइस से लिंक कर देती हैं, जिससे हैकर आपके निजी चैट पढ़ सकते हैं और आपके कॉन्टैक्ट्स को ठग सकते हैं.
  • फाइनेंशियल फ्रॉड: ये साइट्स गुपचुप तरीके से आपके मोबाइल बैलेंस या कार्ड से प्रीमियम सब्सक्रिप्शन काट सकती हैं.

भारत में 'टिकटॉक' बैन और जिज्ञासा का फायदा

भारत में टिकटॉक के आधिकारिक तौर पर प्रतिबंधित होने के कारण भारतीय यूजर्स में वहां के वायरल ट्रेंड्स को लेकर एक तरह का 'FOMO' (छूट जाने का डर) रहता है. स्कैमर्स इसी जिज्ञासा का फायदा उठाकर 'प्रतिबंधित' या 'वर्जित' कंटेंट के नाम पर भारतीयों को जाल में फंसा रहे हैं. यह भी पढ़ें: The 'Marry 7 Min 11 Sec Viral Video' Trap: लीक MMS और स्कैंडल के नाम पर शुरू हुआ नया साइबर अटैक, भूलकर भी न करें इसे टच; नहीं तो हो सकता है धोखा

सावधानी ही सुरक्षा है: क्या करें?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भारतीय यूजर्स को निम्नलिखित सलाह दी है:

  • सटीक समय वाले वीडियो से बचें: ‘7:11’ या ‘6:39’ जैसे समय वाले किसी भी वीडियो टाइटल को देखते ही नजरअंदाज करें, यह पक्का जाल है.
  • सर्च न करें: इन शब्दों को सर्च करने से इनका SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) बढ़ता है, जिससे स्कैमर्स को और अधिक लोगों तक पहुंचने में मदद मिलती है.
  • अज्ञात लिंक को न खोलें: किसी भी अनजान अकाउंट या चैट से आए लिंक पर कभी क्लिक न करें.