7 Minutes 11 Seconds Viral MMS: पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट और सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स (X), इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर एक कथित वीडियो क्लिप को लेकर काफी चर्चा हो रही है. '7 मिनट 11 सेकंड वायरल एमएमएस' (7 Minutes 11 Seconds Viral MMS) के नाम से मशहूर इस दावे ने नेटिजन्स के बीच हलचल पैदा कर दी है. इंटरनेट पर लोग 'मैरी' (Marry) और 'उमैर' (Umair) नामक दो व्यक्तियों से जुड़े इस कथित वीडियो को खोजने में लगे हैं, जिसके साथ उनकी गिरफ्तारी के दावे भी किए जा रहे हैं.
हालाँकि, इस पूरे मामले की पड़ताल करने पर पता चलता है कि यह कहानी सच्चाई से कोसों दूर है और इसके पीछे कोई पुख्ता सबूत मौजूद नहीं हैं. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या 7 मिनट 11 सेकेंड के वायरल वीडियो वाले कपल 'Marry' और 'Umair' को पाकिस्तान में किया गया गिरफ्तार? जानें सच
क्या है वायरल वीडियो का सच?
विभिन्न सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह 7:11 मिनट का वीडियो पाकिस्तान से लीक हुआ है. लेकिन गहन फैक्ट-चेक के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि इस नाम का कोई भी मूल या पूरा वीडियो इंटरनेट पर मौजूद नहीं है.
अक्सर इस तरह के दावों में धुंधली तस्वीरें या स्क्रीनशॉट्स इस्तेमाल किए जाते हैं, जिन्हें वीडियो का हिस्सा बताया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘7 मिनट 11 सेकंड’ जैसा विशिष्ट समय केवल लोगों की उत्सुकता बढ़ाने और क्लिक बटोरने (Clickbait) के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.
गिरफ्तारी के दावों का फैक्ट-चेक
सोशल मीडिया पर अफवाहें हैं कि वीडियो वायरल होने के बाद पाकिस्तान में 'मैरी' और 'उमैर' को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस दावे की पुष्टि के लिए जब आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स की पड़ताल की गई, तो ऐसी किसी भी कानूनी कार्रवाई या आधिकारिक बयान का जिक्र कहीं नहीं मिला. किसी भी विश्वसनीय स्रोत या आधिकारिक संस्था ने इस कथित घटना या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है.
डीपफेक और एआई का खतरा
इंटरनेट पर पहले भी इस तरह के कई फर्जी एमएमएस घोटाले सामने आ चुके हैं. तकनीकी जानकारों का कहना है कि वर्तमान में एआई (AI) और डीपफेक तकनीक के माध्यम से किसी भी व्यक्ति का चेहरा इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो बनाना आसान हो गया है. संभावना जताई जा रही है कि यह वायरल दावा भी या तो पूरी तरह काल्पनिक है या फिर डीपफेक तकनीक द्वारा रचित हो सकता है. यह भी पढ़ें: The 'Marry 7 Min 11 Sec Viral Video' Trap: लीक MMS और स्कैंडल के नाम पर शुरू हुआ नया साइबर अटैक, भूलकर भी न करें इसे टच; नहीं तो हो सकता है धोखा
सावधानी बरतने की सलाह
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने यूजर्स को इस तरह के संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की कड़ी चेतावनी दी है. अक्सर वायरल वीडियो के नाम पर शेयर किए जा रहे लिंक मालवेयर या फिशिंग स्कैम हो सकते हैं, जो आपके फोन या कंप्यूटर के डेटा को चुरा सकते हैं.
सोशल मीडिया पर किसी भी असत्यापित सामग्री को साझा करने से बचें, क्योंकि यह न केवल किसी की व्यक्तिगत गरिमा को ठेस पहुँचाता है, बल्कि कानूनी रूप से भी अपराध की श्रेणी में आता है.













QuickLY