नई दिल्ली: इन दिनों WhatsApp पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार ने देशवासियों से कहा है कि वे कोल्ड ड्रिंक (कोक, पेप्सी, माजा, स्प्राइट, थम्सअप आदि) न पीएं, क्योंकि उनमें इबोला वायरस (Ebola Virus) का संक्रमित खून मिलाया गया है. मैसेज में यह भी लिखा था कि यह खबर NDTV चैनल पर रिपोर्ट की गई थी और इसे सभी तक फैलाने के लिए फॉरवर्ड करने का अनुरोध किया गया था. लेकिन क्या यह दावा सच है? आइए जानते हैं PIB फैक्ट चेक की रिपोर्ट क्या कहती है.
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WhatsApp मैसेज का सच
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक यूनिट ने इस संदेश की जांच की. जांच में स्पष्ट हुआ कि यह संदेश पूरी तरह झूठा है. PIB ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कभी भी ऐसा कोई Advisory जारी नहीं किया है. फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया, "यह संदेश फेक है. केंद्र सरकार ने कभी भी ऐसा कोई संदेश जारी नहीं किया."
इसलिए यह दावा कि मोदी सरकार ने देशवासियों से कोल्ड ड्रिंक से बचने को कहा है क्योंकि उसमें एबोला वायरस मिला है, पूरी तरह गलत और भ्रामक है. वायरल WhatsApp संदेश पूरी तरह फर्जी है.
PIB ने बताया क्या है सच
Did you also receive a #WhatsApp forward claiming that the Government of India has advised citizens to avoid cold drinks as they are contaminated with the Ebola virus ⁉️#PIBFactCheck
❌Beware! This message is #fake
✅@MoHFW_INDIA has issued no such advisory! pic.twitter.com/dMBxhjP5vF
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) September 24, 2025
नागरिकों से अनुरोध
PIB ने नागरिकों से अपील की है कि वे WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने वाले ऐसे झूठे संदेशों पर भरोसा न करें. यदि कोई व्यक्ति किसी वायरल पोस्ट या कथित संदेश की सच्चाई जानना चाहता है, तो वह PIB के फैक्ट चेक यूनिट से संपर्क कर सकता है: WhatsApp: 8799711259, ईमेल: factcheck@pib.gov.in
बता दें कि PIB फैक्ट चेक यूनिट केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी है, जो सरकारी संबंधित झूठी खबरों और अफवाहों की पहचान करती है. उनका काम नागरिकों को सही जानकारी पहुंचाना और गलत जानकारी को रोकना है.













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