Mirzapur Police Viral Video: उत्तर प्रदेश पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है. इस बार वजह है एक इंस्पेक्टर की दबंगई, जो मिर्जापुर के रमई पट्टी बाजार में सामने आई है. मामला एक चश्मे की दुकान से जुड़ा है, जहां एक पुलिस इंस्पेक्टर ने चश्मा ठीक करवाया, 800 रुपये का बिल बना, लेकिन पैसे दिए बिना ही चलते बने. दुकानदार का आरोप है कि जब उसने इंस्पेक्टर से पैसे मांगे, तो उन्होंने साफ-साफ कहा – "पैसा नहीं देंगे, जो करना है कर लो." हद तो तब हो गई जब इंस्पेक्टर साहब उल्टा दुकानदार को तमीज सिखाने लगे, जबकि खुद वर्दी की आड़ में बिल बगैर चुकाए दुकान से निकल गए.
वर्दी में वसूली?
रुपए नहीं देंगे, जो करते बने कर लीजिए : इंस्पेक्टर साहब#मिर्जापुर के शहर कोतवाली क्षेत्र के रमई पट्टी बाजार में शुक्रवार को एक चश्मा के दुकानदार ने थ्री स्टार वर्दीधारी चाचा से की भाषा सुनकर कहा, देखिये सर, तमीज से बात करिए। जिस पर रौब के साथ जवाब मिला, "पैसा नहीं देंगे। जो… pic.twitter.com/p0cTOvWy1J
— Shivam Bajpai (@JBreakingBajpai) July 25, 2025
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग यूपी पुलिस की कार्यशैली पर जमकर तंज कस रहे हैं. कोई कह रहा है – "अब दुकान वालों को भी पुलिस से बचना होगा", तो कोई लिख रहा है – "वर्दी का मतलब क्या अब मुफ्तखोरी का लाइसेंस है?"
यह कोई पहली घटना नहीं है जब यूपी पुलिस पर ऐसा आरोप लगा हो. अक्सर कहीं रिश्वत लेने की खबर, कहीं आम जनता पर रौब झाड़ने की बातें सामने आती रही हैं. लेकिन इस बार मामला सीधा-सीधा ‘फ्री सर्विस विद वर्दी’ वाला लग रहा है.
मिर्जापुर पुलिस ने जांच के आदेश दिए
दबाव बढ़ता देख मिर्जापुर पुलिस ने जांच के आदेश तो दे दिए हैं, लेकिन जनता को नतीजे का इंतजार है. लोग सवाल पूछ रहे हैं – क्या ऐसे अफसर पर कार्रवाई होगी या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
जब रक्षक ही भक्षक बनने लगे, तो भरोसे की बुनियाद हिलने लगती है. उम्मीद की जानी चाहिए कि यूपी पुलिस अपनी साख बचाने के लिए इस मामले में सख्त कदम उठाएगी.












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