चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी: बेंगलुरु जा रही एक्सप्रेस में महिला ने बच्चे को दिया जन्म, सहयात्रियों ने निभाई 'डॉक्टर' की भूमिका (Watch Video)
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

बेंगलुरु, 27 अप्रैल: भारतीय रेलवे (Indian Railway) के सफर के दौरान एक बार फिर मानवता और सूझबूझ की मिसाल देखने को मिली है. बेंगलुरु (Bengaluru) जा रही एक एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला (Pregnant Woman) को अचानक प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) (Labour Pains) शुरू हो गई. ट्रेन के बीच रास्ते में होने और तत्काल चिकित्सा सहायता न मिल पाने की स्थिति में, बोगी में मौजूद यात्रियों ने मोर्चा संभाला और महिला की सफल डिलीवरी कराई.

जानकारी के अनुसार, पोनम्मा नामक महिला 'मुरदेश्वर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस' (ट्रेन संख्या 16586) में मैसूर की ओर यात्रा कर रही थीं. सफर के दौरान अचानक उन्हें तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हुई. ट्रेन उस समय चलती स्थिति में थी और पेशेवर मेडिकल टीम का तुरंत पहुंचना संभव नहीं था.  स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोच में मौजूद सहयात्री मदद के लिए आगे आए. यह भी पढ़ें: Koderma Station Horror: कोडरमा स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, चलती ट्रेन पकड़ने की कोशिश में मां की मौत; ट्रेन में ही रह गए दो मासूम जुड़वां बच्चे (Watch Video)

सहयात्रियों ने पेश की मिसाल

कोच में सफर कर रही अन्य महिला यात्रियों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रेन के डिब्बे को ही एक अस्थायी प्रसव कक्ष में बदल दिया. यात्रियों के समन्वित प्रयासों से महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. यह पूरी प्रक्रिया पेशेवर डॉक्टर की अनुपस्थिति में सहयात्रियों की आपसी मदद से संपन्न हुई.

इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें यात्रियों की तत्परता की सराहना की जा रही है.

बेंगलुरु जा रही चलती ट्रेन में महिला ने बच्चे को जन्म दिया

मां और नवजात दोनों सुरक्षित

डिलीवरी के बाद, रेलवे अधिकारियों को सूचित किया गया, जिन्होंने अगले स्टेशन पर चिकित्सा सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मां और नवजात शिशु दोनों की स्थिति स्थिर और सामान्य है. उन्हें बेहतर प्रसवोत्तर देखभाल (Postnatal Care) के लिए स्थानीय अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है.

रेलवे में पहले भी आए हैं ऐसे मामले

भारत में लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर के दौरान प्रसव के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं. कई मौकों पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF), टिकट निरीक्षकों और आम यात्रियों ने मिलकर ऐसी आपातकालीन स्थितियों को संभाला है. ये घटनाएं यात्रा के दौरान होने वाली मेडिकल चुनौतियों के साथ-साथ आम नागरिकों की संवेदनशीलता और आपसी सहयोग को भी रेखांकित करती हैं.