Arohi Mim '3 Minutes 24 Seconds' Viral Video: दक्षिण एशियाई सोशल मीडिया (South Asian Social Media) जगत में इन दिनों एक अभिनेत्री का नाम और एक विशेष समय (Timestamp) डिजिटल उत्पीड़न का नया जरिया बन गया है. बांग्लादेशी अभिनेत्री और मॉडल आरोही मिम (Arohi Mim) को लेकर इन दिनों ‘3 मिनट 24 सेकंड’ (3 Minute 24 Second Video) का सर्च टर्म तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है. दावों के उलट, साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई वास्तविक निजी वीडियो नहीं, बल्कि एक बेहद खतरनाक 'क्लिकबेट मैकेनिज्म' है जो लोगों की उत्सुकता का फायदा उठाकर अवैध विज्ञापन राजस्व और मालवेयर फैलाने के लिए बनाया गया है. यह भी पढ़ें: Fatima Jatoi: कौन हैं फातिमा जटोई? '6 मिनट 39 सेकंड' के कथित वीडियो लीक और डीपफेक विवाद की क्या है पूरी सच्चाई?
कौन हैं आरोही मिम?
आरोही मिम बांग्लादेशी दर्शकों के लिए एक जाना-पहचाना चेहरा हैं. एक उभरती हुई अभिनेत्री और मॉडल के रूप में उन्होंने नाटकों, म्यूजिक वीडियो और टिकटॉक के जरिए एक बड़ी फैन फॉलोइंग तैयार की है. उनका कंटेंट मुख्य रूप से फैशन और पेशेवर अभिनय पर केंद्रित रहता है. हालांकि, पिछले एक हफ्ते से उनकी पेशेवर पहचान एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान की छाया में दब गई है. यह भी पढ़ें: What is Umair 7:11 Viral Video Trend? 7:11 मिनट वाले इस ट्रेंड के पीछे छिपा है बड़ा खतरा; कहीं आप भी तो नहीं कर रहे सर्च?
क्या है '3 मिनट 24 सेकंड' का वायरल ट्रैप?
आरोही मिम को निशाना बनाने वाला यह फिनोमिना आधुनिक क्लिकबेट का एक नया रूप है. यह मनोवैज्ञानिक खेल की तरह काम करता है:
- विशिष्ट समय का मनोवैज्ञानिक प्रभाव: जब कोई ‘लीक वीडियो’ का दावा करता है, तो लोग अक्सर उसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन जब ‘3 मिनट 24 सेकंड’ जैसा सटीक समय बताया जाता है, तो लोगों को लगता है कि यह कोई वास्तविक फाइल है जिसे किसी ने देखा और समय नोट किया है.
- सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) का दुरुपयोग: 'बीज' के रूप में रोपे गए ये कीवर्ड्स यूजर्स को गूगल पर सर्च करने के लिए मजबूर करते हैं.
- खतरनाक परिणाम: सर्च करने पर मिलने वाले लिंक्स अक्सर ऐसी वेबसाइटों पर ले जाते हैं जहां पॉप-अप एड्स, ऑटो-डाउनलोड होने वाले वायरस और संदिग्ध एआई-जनरेटेड धुंधली क्लिप्स होती हैं. इनका उद्देश्य जानकारी देना नहीं, बल्कि यूजर के क्लिक को भुनाना है.
दक्षिण एशिया में 'टाइमस्टैम्प ट्रैप' का बढ़ता जाल
आरोही मिम के खिलाफ यह हमला कोई इकलौती घटना नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया में महिला सार्वजनिक हस्तियों को निशाना बनाने वाला एक पैटर्न बन गया है. पिछले कुछ महीनों में इसी तरह के कई 'टाइमस्टैम्प ट्रैप' सामने आए हैं:
- 6 मिनट 39 सेकंड (पाकिस्तान): टिकटॉक स्टार फातिमा जटोई को इसी तरह निशाना बनाया गया, जिसके बाद उन्हें अपनी सफाई में कुरान की कसम खानी पड़ी.
- 7 मिनट 11 सेकंड (पाकिस्तान): यह टाइमस्टैम्प एक प्रसिद्ध इंफ्लूएंसर के खिलाफ 'लिंक इन बायो' स्कैम फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया.
- 19 मिनट 34 सेकंड (भारत/बांग्लादेश): यह मूल रूप से एक अन्य जोड़े के नाम पर शुरू हुआ था, लेकिन बाद में मेघालय की एक इंफ्लूएंसर 'स्वीट जन्नत' के खिलाफ इसे हथियार बनाया गया. यह भी पढ़ें: Digital Honey Trap: 'उमैर 7:11' और 'फातिमा जटोई' वीडियो के पीछे बड़ा साइबर खेल; क्या भारतीयों के खिलाफ डिजिटल हनी ट्रैप का हिस्सा हैं पाकिस्तानी 'लिंक'
डिजिटल साक्षरता की जरूरत
आरोही मिम ने वर्तमान में इस ‘3:24’ की अफवाह पर चुप्पी साध रखी है, जो अक्सर ट्रोलर्स को महत्व न देने की एक सोची-समझी रणनीति होती है.
डीपफेक और एल्गोरिथम हेरफेर के इस दौर में, किसी महिला की गरिमा की कीमत पर क्लिक्स की यह जंग चिंताजनक है. यूजर्स को यह समझना चाहिए कि ऐसे सनसनीखेज दावे अक्सर भ्रामक होते हैं. ‘आरोही मिम 3 मिनट 24 सेकंड’ का चलन किसी वीडियो के बारे में नहीं, बल्कि आपके क्लिक्स को चुराने के बारे में है.













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