Winter Problems 2022: क्या सर्द मौसम में आपकी उंगलियों में भी सूजन और अकड़न होती है? जाने कुछ अचूक घरेलू नुस्खे!
उत्तर भारत में शीतलहरी चरम पर है. ठंडी हवाएं मानों हड्डियां गलाने पर अमादा हैं. वातावरण में पारा गिरने के साथ ही कुछ लोगों के हाथ और पैरों की उंगलियों में सूजन, जलन एवं अकड़न की शिकायतें देखने-सुनने को मिलती हैं. मेडिकल जुबान में इसे 'चिलब्लेन' (Chilblain) कहते हैं.
उत्तर भारत में शीतलहरी चरम पर है. ठंडी हवाएं मानों हड्डियां गलाने पर अमादा हैं. वातावरण में पारा गिरने के साथ ही कुछ लोगों के हाथ और पैरों की उंगलियों में सूजन, जलन एवं अकड़न की शिकायतें देखने-सुनने को मिलती हैं. मेडिकल जुबान में इसे 'चिलब्लेन' (Chilblain) कहते हैं. चिकित्स्कों के अनुसार ठंडे तापमान के कारण कुछ लोगों को त्वचा में जलन और सूजन होती है. किसी-किसी को झुनझुनाहट भी महसूस होती है. यह समस्या अमूमन एक से तीन सप्ताह में अथवा ठंड कम होने के साथ ही खत्म होने लगती है. लेकिन कुछ लोग त्वचा की इन समस्याओं को बर्दास्त नही कर पाते, उनके लिए यहां कुछ घरेलू नुस्खे बताये जा रहे हैं. इनसे किसी तरह के साइड इफेक्ट की संभावनाएं नहीं होती. लेकिन इससे पहले जान लें कि चिलब्लेन्स क्या होता है?
क्या होता है चिलब्लेन्स?
चिलब्लेन्स वास्तव में त्वचा के छोटे-छोटे घाव होते हैं, जो ठंड के दिनों में ज्यादातर हाथों और पैरों की उंगलियों में होते हैं. दरअसल बर्फीली ठंड से ब्लड वेसल में सूजन होने लगती है, इस कारण शरीर के विभिन्न अंगों में प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, और रक्त संचार प्रभावित होता है, जिससे उंगलियां सुन्न हो जाती हैं.यह पेनफुल समस्या है.
* फिटकरी और नमक का पानी!
एंटीफंगल गुणों से भरपूर फिटकरी चोट लगने पर सबसे उपयोगी मानी जाती है. यह आयुर्वेदिक औषधि है, जो तमाम समस्याओं से मुक्ति दिलाती है. यदि उंगलियों में अकड़न के साथ दर्द भी है तो
फिटकरी और नमक का गुनगुना पानी में थोड़ी देर के लिए डुबो दें. राहत मिलेगी. लेकिन कटे अथवा जली त्वचा पर इसका इस्तेमाल हर्गिज नहीं करें.
* एलोवेरा जेल से करें मालिश!
एक एलोविरा में अनगिनत औषधीय गुण होते हैं, जो सेहत के साथ सौंदर्य की भी रक्षा करते हैं. एलोविरा जेल से मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन में आये गतिरोधों दूर होते हैं एवं सख्त तथा सूजी उंगलियों की समस्याओं को दूर करता है. लेकिन इसका इस्तेमाल शुरु से ही करना चाहिए.
* गेहूं का दलिया!
चिलब्लेन्स यानी त्वचा की समस्याओं से राहत पाने के लिए उंगलियों को हलके गरम दलिया में डुबोएं. इससे त्वचा की जलन कम होगी.
* एंटीबायोटिक प्याज!
प्याज में एंटीसेप्टिक एवं एंटीबायोटिक तत्व मौजूद होते हैं. इसके साथ ही यह रक्त संचार को भी सुचारु रखता है. ताजे प्याज को आधा काटकर कटे हुए हिस्से को प्रभावित त्वचा पर हलके-हलके मलें. प्याज के रस के संपर्क में त्वचा के आने पर त्वचा की जलन शांत हो जाती है.
* गेंदे के फूल से इलाज
गेंदे के दस-बारह फूल लेकर पानी में दो-चार घंटे के लिए भिगो दें. फूल छानकर इसमें थोड़ा नमक मिलायें. अब अपने सूजे हुए हाथ को पानी में थोड़ी देर के लिए डुबो दें.
* इस उपयोगी पेस्ट का प्रयोग करें!
मेडिकल शॉप से लिये एक चम्मच ग्लिसरीन में एक शहद, दो चम्मच गेहूं का आटा और एक अंडे की सफेदी को अच्छे से मिलाकर पेस्ट बनाएं. इसे सोने से पूर्व त्वचा के प्रभावित हिस्सों पर लगायें. प्रातःकाल उठ कर गुनगुने गर्म पानी से धो लें. त्वचा की जलन में राहत मिलेगी.
* काली मिर्च का प्रयोग करें!
10-12 दाने काली मिर्च को दरदरा कूट कर एक चम्मच कच्चे सरसों के तेल में हलका से फ्राय कर लें. इसे छानकर चिलब्लेन्स पर हल्के हाथों से मसाज करें. लेकिन कटे या जले स्थान पर इसका इस्तेमाल ना करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2022 08:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

