International Nurses Day 2024: त्याग, समर्पण और जोखिम का प्रतीक है नर्सिंग सेवा! जानें इसका इतिहास, महत्व एवं सेलिब्रेशन संदर्भित बातें!
नर्सें स्वस्थ जीवन शैली और मरीजों को लाइफ लाइन देती हैं, स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करती है, और मरीजों के जीवन में मुस्कान लाने एवं उन्हें बचाने के लिए खुद की जान जोखिम में डालकर सेवा करती हैं. आम आदमी के जीवन में नर्सों को सम्मान देने हेतु प्रत्येक वर्ष 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है.
नर्सें स्वस्थ जीवन शैली और मरीजों को लाइफ लाइन देती हैं, स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करती है, और मरीजों के जीवन में मुस्कान लाने एवं उन्हें बचाने के लिए खुद की जान जोखिम में डालकर सेवा करती हैं. आम आदमी के जीवन में नर्सों को सम्मान देने हेतु प्रत्येक वर्ष 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर लोग नर्सों द्वारा किये गये अद्भुत कार्यों का सम्मान करते हैं. इस दिन मेडिकल प्रतिष्ठानों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, और चुनिंदा नर्सों को पुरस्कृत कर सम्मान दिया जाता है. आइये जानते हैं अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस से संबंधित इसके इतिहास, महत्व आदि के बारे में
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का इतिहास
साल 1953 में, अमेरिकी स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण विभाग के एक अधिकारी डोरोथी सदरलैंड ने तत्कालीन राष्ट्रपति ड्वाइट डी. आइजनहावर से ‘नर्स दिवस’ मनाने का प्रस्ताव रखा था, उस समय उन्होंने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी. जनवरी 1974 में 12 मई को आधिकारिक तौर पर 'अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस' घोषित किया गया, इस तिथि का चुनाव फ्लोरेंस नाइटिंगेल को उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में सम्मानित करने के उद्देश्य से किया गया, फ्लोरेंस नाइटिंगेल आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक हैं. 19वीं सदी में नर्सिंग क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया था. उनके द्वारा आरंभिक नर्सिंग शिक्षा और प्रशिक्षण के प्रति उनकी प्रेरणा ने नर्सिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण यात्रा आरंभ की. उन्हें ‘मदर्स ऑफ नर्सिंग’ कहा जाता है.
कौन हैं फ्लोरेंस नाइटिंगेल?
फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को फ्लोरेंस (इटली) में हुआ था. वह एक ब्रिटिश नर्स, सांख्यिकीविद् और समाज सुधारक थीं, जो आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक और दार्शनिक थीं. उन्होंने वर्क हाउस एवं अस्पतालों में दाइयों और नर्सों के लिए प्रशिक्षण स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. क्रीमिया युद्ध के दौरान, उन्हें ब्रिटिश और मित्र देशों के सैनिकों की देखभाल का प्रभारी बनाया गया था. वह कई घंटे वार्डों में बिताती, साथ ही पूरी-पूरी रात मरीजों की देखभाल करती थीं. वह हाथ में दीपक लेकर रात भर घूमती थीं. इस तरह उनकी छवि ‘लेडी विद द लैंप’ के रूप में स्थापित हो गई. 1907 में ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित होने वाली पहली महिला थीं.
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का महत्व
अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मानवता की प्रतिमूर्ति नर्सों को श्रद्धांजलि देने का एक आदर्श तरीका है, जो गंभीर से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्प्राप्ति का ख्याल रखती हैं. यह दिवस दुनिया को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में उनके योगदान पर प्रकाश डालता है. नर्सों की भूमिका चिकित्सा पद्धति से जुड़े किसी भी अन्य पेशेवर से कम नहीं है. यह दुनिया भर की नर्सों की निस्वार्थ सेवा और योगदान को पहचानने का दिन है.
ऐसे मनाएं अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस
आभार दर्शाएः नर्सों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए व्यक्तिगत रूप से उन्हें धन्यवाद कार्ड या मौखिक प्रशंसा कर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करें.
कार्यक्रमों का आयोजन नर्सों को सम्मानित करने हेतु अस्पतालों, क्लीनिकों या सामुदायिक केंद्रों पर विशेष रंगारंग कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें लंच, प्रशस्ति पत्र एवं अवॉर्ड आदि प्रदान करें.
स्मृतियां शेयर करें: प्रेरक नर्सों की स्मृतियों को सोशल मीडिया अथवा अपनी कम्युनिटी में शेयर करते हुए उनके कठिन जीवन, उपलब्धियों, मानवीयता आदि की चर्चा करें.
शैक्षिक अवसर: नर्सिंग अभ्यास और व्यावसायिक विकास से संबंधित विषयों पर केंद्रित शैक्षिक वर्कशॉप, सेमिनार, सकारात्मक डिबेट आदि का आयोजन करें.
परिवार के साथ समय शेयर करेंः नर्सिंग सेवा को सबसे ज्यादा संबल उसके परिवार से मिलता है. अपने आयोजनों में उन्हें भी शामिल कर उनके प्रति आभार व्यक्त करें कि नर्सिंग सेवा में उनके परिवार के त्याग और समर्थन की कितनी अहम भूमिका होती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2024 11:13 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

