Nurses Day 2024 Wishes in Malayalam: हैप्पी नर्सेस डे! इन WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers के जरिए मलयालम में दें बधाई
अगर किसी मरीज की जिंदगी बचाने में डॉक्टर की अहम भूमिका होती है तो एक नर्स का योगदान भी उससे कम नहीं होता है. डॉक्टर के बाद एक नर्स ही होती है, जो मरीज के इलाज में अहम भूमिका निभाती है, इसलिए उनके सम्मान में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर आप इन विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स को भेजकर मलयालम में हैप्पी नर्सेस डे कह सकते हैं.
Nurses Day 2024 Wishes in Malayalam: अपने घर-परिवार से दूर रहकर दिन-रात मरीजों की सेवा में तत्पर रहने वाली दुनिया भर की तमाम नर्सों के प्रति आभार और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हर साल 12 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस यानी इंटरनेशनल नर्सेस डे (International Nurses Day) मनाया जाता है. इस दिन चिकित्सा क्षेत्र में नर्सों (Nurses) के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान जाहिर किया जाता है. दरअसल, इस दिवस को मनाने की शुरुआत साल 1974 में हुई थी और तब से यह सिलसिला बरकरार है. मॉर्डन नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल (Florence Nightingale) के जन्मदिन को दुनिया भर में इंटरनेशनल नर्सेस डे के तौर पर मनाया जाता है. फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को हुआ था, लेकिन उनकी जयंती पर अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाने की शुरूआत साल 1965 में की गई थी और यह सिलसिला अब तक बरकरार है.
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगर किसी मरीज की जिंदगी बचाने में डॉक्टर की अहम भूमिका होती है तो एक नर्स का योगदान भी उससे कम नहीं होता है. डॉक्टर के बाद एक नर्स ही होती है, जो मरीज के इलाज में अहम भूमिका निभाती है, इसलिए उनके सम्मान में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर आप इन विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स को भेजकर मलयालम में हैप्पी नर्सेस डे कह सकते हैं.
1- इंटरनेशनल नर्सेस डे

2- इंटरनेशनल नर्सेस डे

3- इंटरनेशनल नर्सेस डे

4- इंटरनेशनल नर्सेस डे

5- इंटरनेशनल नर्सेस डे

गौरतलब है कि मशहूर नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिवस यानी 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है. फ्लोरेंस नाइटिंगेल एक नर्स होने के साथ-साथ समाज सुधारक भी थीं. क्रीमियन युद्ध के दौरान उन्होंने जिस तरह से लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा की थी वो वाकई सराहनीय था. वे घायल सैनिकों की देखभाल के लिए लैंप लेकर रात में घूमती थीं, इसलिए उन्हें 'द लेडी विद द लैंप' कहा गया. इस दिन फ्लोरेंस नाइटिंगेल के सराहनीय कार्यों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2024 11:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

