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समय से पहले क्यों होती है प्रसव-पीड़ा?

जानें वक्त से पहले होनेवाले प्रसव-पीड़ा का कारण

समय से पहले क्यों होती है प्रसव-पीड़ा?
Photo Credit: Facebook

न्यूयॉर्क: गर्भवती महिलाओं में समय से पहले होने वाली प्रसव-पीड़ा के लिए गर्भस्थ शिशु की प्रतिरोधी क्षमता में विकास एक वजह हो सकती है. इस बात का आकलन एक हालिया शोध के नतीजों में किया गया है. कई ऐसे मामले देखने को मिलते हैं जब गर्भ की परिपक्वता के 37वें सप्ताह के पूर्व गर्भवती महिलाओं को तकलीफ बढ़ जाती है, जिस कारण समय से पहले प्रसव हो जाता है.

शोध के नतीजों में पाया गया कि कभी-कभी ऐसा हो सकता है कि भ्रूण की प्रतिरोधी क्षमता जाग्रत हो जाने से वह माता के गर्भ के परिवेश को स्वीकार करना बंद कर देता है, जिसके कारण गर्भाशय में संकुचन पैदा होता है.

शोधकर्ताओं के मुताबिक, भ्रूण की प्रतिरोधी क्षमता के कारण गर्भवती महिलाओं में समय से पहले प्रसव-पीड़ा होने लगती है.

उनका कहना है कि भ्रूण की प्रतिरक्षी कोशिकाएं माता की कोशिकाओं को लेकर उलझन में रहती हैं और माता की कोशिकाओं से खतरा महसूस करती हैं, जोकि दाह पैदा करने वाली रसायन के रूप में प्रकट उत्पन्न होता है.

सैन फ्रैंसिस्को स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर तिप्पी मैकेंजी ने कहा, "एक धारणा है कि भ्रूण की प्रतिरक्षी क्षमता बहुत कमजोर होती है और इसके परिणामस्वरूप लोग गर्भावस्था में इसकी संभावित भूमिका को नहीं समझ पाते हैं."

उन्होंने कहा, "हमने दिखाया कि समय से पूर्व प्रसव-पीड़ा का अनुभव करने वाली महिला मरीजों में संक्रमण व सूजन की शिकायत होती है, जिसका कारण यह है कि भ्रूण की प्रतिरक्षी क्षमता जाग्रत हो जाती है."

(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2018 12:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).