International Men’s Health Week 2019: इरेक्टाइल डिसफंक्शन बना सकता है पुरुषों को नपुंसक, जानिए क्या है इस बीमारी के प्रमुख कारण
इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों से जुड़ी एक ऐसी गंभीर समस्या है जिसके चलते उनके मन में आत्मविश्वास की कमी और सेक्स लाइफ में अधूरेपन की भावना जागने लगती है. इस बीमारी में पुरुषों का लिंग संभोग के लिए उत्तेजित नहीं हो पाता है या फिर कामोत्तेजना को देर तक बनाए रखने में पुरुष असमर्थ होता है.
International Men’s Health Week 2019: अंतरराष्ट्रीय पुरुष स्वास्थ्य सप्ताह (International Men's health week) की शुरुआत 10 जून 2019 से हो चुकी है, जिसका समापन 16 जून 2019 को होगा. इस सप्ताह का आयोजन पुरुषों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों (Men's health issues) पर जागरूकता (Awareness) फैलाने के मकसद से किया जाता है. अंतरराष्ट्रीय पुरुष स्वास्थ्य सप्ताह का उद्देश्य पुरुषों में होनेवाले स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूक करना और बीमारियों का जल्द से जल्द पता लगातर उसके इलाज के लिए प्रोत्साहित करना है.
वैसे तो इस दौरान पुरुषों के स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम स्वास्थ्य समस्याओं पर गौर किया जाता है, लेकिन ज्यादा ध्यान इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) या नपुंसकता (Impotence), प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer), टेस्टिकुलर हेल्थ प्रॉब्लम (Testicular Health Issues) जैसी समस्याओं पर दिया जाता है, जिस पर आमतौर पर पुरुष खुलकर बात करने से कतराते हैं.
क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction), आखिर पुरुष क्यों स्वास्थ्य से जुड़ी इस समस्या पर खुलकर बोलने से कतराते हैं और इस बीमारी के प्रमुख कारण क्या है? चलिए जानते हैं.
क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन?
इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) पुरुषों से जुड़ी एक ऐसी गंभीर समस्या है जिसके चलते उनके मन में आत्मविश्वास की कमी और सेक्स लाइफ में अधूरेपन की भावना जागने लगती है. इस बीमारी में पुरुषों का लिंग संभोग के लिए उत्तेजित नहीं हो पाता है या फिर कामोत्तेजना को देर तक बनाए रखने में पुरुष असमर्थ होता है. पुरुषों की इस समस्या को स्तंभन दोष, नपुंसकता, शीघ्रपतन और इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है. एक स्टडी के मुताबिक, 40 से 70 साल के पुरुषों में यह समस्या ज्यादा पाई जाती है. हालांकि लाइफस्टाइल और डायट में कुछ सकारात्मक परिवर्तन लाकर इस समस्या से काफी हद तक बचना मुमकिन है.
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारण
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के वैसे तो कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ओबेसिटी और मेटाबॉलिक सिंड्रोम इसका सबसे बड़ा कारण है, जिससे ब्लड प्रेशर, शरीर की संरचना और कोलेस्ट्रॉल में परिवर्तन होता है. इसके अलावा मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसंस, पाइरोनी की बीमारी की वजह से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हो सकती है. इतना ही नहीं यह खान पान में गड़बड़ी, अत्यधिक शराब का सेवन और नशीली दवाइयों के इस्तेमाल से भी हो सकता है. यह भी पढ़ें: नपुंसकता की समस्या को दूर करने का कारगर इलाज है यह प्याज, रोमांस बढ़ाने के लिए जरूर करें इसका सेवन
- डायबिटीज
- ओबेसिटी
- हार्ट डिसीज
- हाइपरटेंशन
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- पार्किंसंस की बीमारी
- मल्टीपल स्केलेरोसिस
- थायरॉइड
- टेस्टोस्टेरोन की कमी
- शराब और सिगरेट
- सर्जरी की जटिलताएं
- पेल्विक एरिया या स्पाइनल कॉर्ड में इंजुरी
- रेडिएशन थेरेपी
- एंजायटी
- इंटीमेट होने का डर
- डिप्रेशन
बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि मौत के 15 प्रमुख कारणों में से केवल अल्जाइमर रोग को छोड़कर बाकी सभी बीमारियों में पुरुषों की मृत्यु महिलाओं की अपेक्षा जल्दी होती है. आंकड़ों के अनुसार, पत्नी की तुलना में पतियों की मौत पांच साल पहले हो जाती है. ऐसे में पुरुषों की स्वास्थ्य समस्याओं पर गौर करके समय पर बेहतर उपचार के लिए उन्हें प्ररित करना बेहद आवश्यक है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 11, 2019 07:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

