कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद सेहत की न करें अनदेखी, हो सकती हैं स्वास्थ्य से जुड़ी ये परेशानियां
कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद लंबे समय तक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं. ठीक होने के बाद भी ज्यादातर मरीजों को फेफड़े, हार्ट डैमेज, मांसपेशियों की समस्या और साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसी परेशानियों में इलाज की आवश्यकता होती है. इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियां हो सकती हैं.
कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) ने लगभग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे निपटना अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. कोविड-19 वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) को लेकर दुनिया भर कै वैज्ञानिक लगातार अध्ययन कर रहे हैं. इस बीच चीन के वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में दी गई एक चेतावनी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. दरअसल, चीन के डॉक्टरों का दावा है कि कोरोना वायरस से ठीक हुए मरीजों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि इलाज के बाद भी मरीज को किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या का खतरा बना रहेगा. बता दें कि चीन (China) के नेशनल हेल्थ कमीशन (National Health Commission) ने कोरोना से स्वस्थ हुए मरीजों को लेकर गाइडलाइन्स जारी की है, ताकि डॉक्टर ठीक हुए मरीजों को नियमित तौर पर मॉनिटर कर सकें.
रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद लंबे समय तक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं. ठीक होने के बाद भी ज्यादातर मरीजों को फेफड़े, हार्ट डैमेज, मांसपेशियों की समस्या और साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसी परेशानियों में इलाज की आवश्यकता होती है. यह भी पढ़ें: क्या माउथ वॉश का इस्तेमाल कोरोना वायरस को मारने में है कारगर? जानें क्या कहता है वैज्ञानिकों का यह अध्ययन
चीनी डॉक्टरों के अनुसार, कोरोना वायरस से जो लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, उन्हें ठीक होने के बाद भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. कोरोना से जंग जीतने के बाद भी मरीजों में डिप्रेशन, इंसोमेनिया, ईटिंग डिसऑर्डर और कई तरह की मानसिक व न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. साथ ही मांसपेशियों और बॉडी फंक्शन में भी कई दिक्कतें आ सकती हैं.
मेडिकल जर्नल किडनी इंटरनेशनल में प्रकाशित अध्ययन की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 5,449 कोरोना पॉजिटिव मरीजों पर एक स्टडी की गई, जिसमें तीन में से एक शख्स में गुर्दे से जुड़ी गंभीर समस्या पाई गई, जबकि 14.3 फीसदी लोगों को डायलिसिस की जरूरत पड़ी. कई मरीजों में ठीक होने के बाद तेज बुखार, लाल सुर्ख आंखे, शरीर पर निशान और ग्रंथियों में सूजन की शिकायत हो सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2020 03:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

