देवी दुर्गा का प्रिय फूल गुड़हल! जिसमें छिपा है सेहत और सौंदर्य का भी खजाना! जानें कैसे करें इस्तेमाल?
मान्यता है कि लाल एवं पीले गुड़हल (Hibiscus) का फूल माँ दुर्गा का प्रिय फूल है. अधिकांश हिंदू धर्म के लोग पूजा के समय दुर्गाजी को लाल गुड़हल का फूल अर्पित कर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं. लेकिन विभिन्न रंगों में उपलब्ध गुड़हल के फूल एवं पत्तियों में तमाम औषधीय तत्व भी विद्यमान हैं.
मान्यता है कि लाल एवं पीले गुड़हल (Hibiscus) का फूल माँ दुर्गा का प्रिय फूल है. अधिकांश हिंदू धर्म के लोग पूजा के समय दुर्गाजी को लाल गुड़हल का फूल अर्पित कर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं. लेकिन विभिन्न रंगों में उपलब्ध गुड़हल के फूल एवं पत्तियों में तमाम औषधीय तत्व भी विद्यमान हैं. यह जवाकुसुम के नाम से भी जाना जाता है. गुड़हल अपने गुणों के कारण ना केवल सेहत बल्कि सौंदर्य के लिए भी लाभकारी होता है. आइये जानें माँ दुर्गा के इस सर्वाधिक प्रिय फूल गुड़हल में सेहत और सौंदर्य के कितने खजाने छिपे हुए हैं.
गुड़हलः तमाम तत्वों से भरपूर
सेहत की दृष्टि से गुड़हल के फूल एवं पत्तियों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल युनानी दवाओं में किया जाता है. गुड़हल में कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर. किडनी इन्फेक्संस और गले के संक्रमण जैसे रोगों का इलाज किया जाता है. इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन C, कैल्शियम, फैट्स, फाइवर, आयरन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, टैटरिक, ऑक्सिलिक एसिड, फ्लेवोनॉयड्स और ग्लाइकोसाइड्स पाया जाता है.
ब्लड प्रेशर (Blood Pressure)
जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित 2010 में हुए एक शोध में पाया गया कि गुड़हल की चाय (Hibiscus tea) के नियमित सेवन से हाई ब्लड प्रेशर एवं लो ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण पाया जा सकता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रचुर मात्रा में होती है, जो ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण में मदद करती है. यह यूरिनेशन को भी संतुलित करती है, जो ब्लड प्रेशर को लो करने में मददगार साबित होता है.
रोग प्रतिरोधक शक्ति (immunity)
गुड़हल की चाय में प्रचुर मात्रा में विटामिन C होता है. अपने एंटी इंफ्लेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण इसे आयुर्वेद की सबसे महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी के रूप में भी जाना जाता है. सामान्य अथवा सीजनल फ्लू के मामले में भी गुड़हल की चाय से मरीज को राहत मिलती है, और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. यह भी पढ़ेंरविवार को ऐसे करें सूर्य उपासना! सारी मन्नतें होंगी पूरी, मिटेंगे सारे पाप! रुका हुआ धन प्राप्त होगा. :
किडनी में स्टोन
एक शोध से पता चला है कि गुड़हल के सेवन से किडनी के पथरी का बेहतर इलाज किया जा सकता है. अगर किसी को किडनी में स्टोन की समस्या है तो हिबिस्कुस पाउडर और गुड़हल की पत्तियों की चाय का सेवन करें. इसे किडनी में स्टोन की समस्या से मुक्ति मिलती है. इससे किसी भी तरह का साइड इफेक्ट नहीं होता.
त्वचा में ग्लो लाए
गुड़हल का फूल त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. चेहरे पर कील-मुंहासों, सन टैन, और आंखों के नीचे के काले घेरे जैसे स्किन की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए गुड़हल के पाउडर का इस्तेमाल करते हैं. इससे त्वचा साफ होती है. सर्वप्रथम इसका फैस पैक बना लें. एक बड़ा चम्मच गुड़हल पाउडर में ताजी दही अच्छी तरह से मिला लें. अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं. 20 मिनट के बाद चेहरे को धो लें. सप्ताह में एक दिन यह पैक इस्तेमाल करें. इससे चेहरे पर ग्लो, चमकदार और कसाव आयेगा.
बालों को चमकदार और ग्रोथ के लिए
गुड़हल का फूल कई तरह के पोषक तत्वों से युक्त होता है. इसमें विटामिन C, कैल्शियम, फैट इत्यादि प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं. त्वचा की तरह ये बालों के लिए भी रामबाण होते हैं. इसका इस्तेमाल बहुत आसान है. गुड़हल के 5 फूल और 5 पत्तियों को एक साथ पीसकर पेस्ट बना लें. इसमें एक चम्मच बादाम या जैतून का तेल मिलायें. इस पेस्ट को 30 मिनट के लिए बालों पर लगाएं और फिर बालों को गुनगुने पानी से धो लें. इससे बालों को पोषण मिलता है और बालों की ग्रोथ बढ़ती है. इसके अलावा गुड़हल की पत्तियों को पीसकर अंडे में अच्छी तरह से मिलाकर बालों की जड़ों में लगाने से बाल काले, घने और मजबूत होते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2021 10:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

