Rangbhari Ekadashi 2025 Wishes: रंगभरी एकादशी के इन मनमोहक WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers को शेयर कर अपनों को दें बधाई
रंगभरी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

Rangbhari Ekadashi 2025 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi) और रंगभरी एकादशी (Rangbhari Ekadashi) के नाम से जाना जाता है. इस दिन भगवान शिव (Bhagwan Shiv) की प्राचीन नगरी में स्थित बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार होता है और यहां होली (Holi) का पर्वकाल शुरु हो जाता है. प्रचलित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती से विवाह के बाद रंगभरी एकादशी के दिन ही भगवान शिव पहली बार अपनी प्रिय काशी नगरी में आए थे और उन्होंने माता पार्वती को गुलाल अर्पित किया था, इसलिए इसका विशेष महत्व बताया जाता है. इस साल 10 मार्च 2025 को रंगभरी एकादशी मनाई जा रही है. इसी पावन तिथि से वाराणसी में रंग खेलने का सिलसिला प्रारंभ हो जाता है, जो लगातार छह दिनों तक चलता है.

ब्रज में जहां होली का पर्व होलाष्टक से शुरु हो जाता है तो वहीं वाराणसी में होली का पर्व रंगभरी एकादशी से शुरु होता है. इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं. ऐसे में आप रंगभरी एकादशी के इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स को शेयर कर अपनों को बधाई दे सकते हैं.

1- ‎रंगभरी एकादशी की शुभकामनाएं

रंगभरी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

2- रंगभरी एकादशी की हार्दिक बधाई

रंगभरी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

3- हैप्पी रंगभरी एकादशी

रंगभरी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

4- शुभ रंगभरी एकादशी

रंगभरी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

5- रंगभरी एकादशी 2025

रंगभरी एकादशी 2025 (Photo Credits: File Image)

रंगभरी एकादशी के दिन शिव-पार्वती और विष्णु-लक्ष्मी की पूजा के अलावा आंवले के पेड़ की पूजा का भी विधान है. इसके साथ ही आंवले का इस दिन विशेष तरीके से प्रयोग भी किया जाता है. मान्यता है कि इस दिन आंवले का दान करने से गौ दान के बराबर फल मिलता है. इस दिन सुबह-सुबह आंवले के वृक्ष को जल अर्पित करें, फिर फूल, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करते हुए पेड़ की 9 बार या 27 बार परिक्रमा करें और भगवान से सौभाग्य व अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना करें. इस दिन आंवले के वृक्ष को लगाना भी काफी शुभ माना जाता है.