त्योहार

Onam Rangoli Design: ओणम पर फूल और कोलम के ये पारंपरिक रंगोली डिजाइन बनाकर अपने त्यौहार को बनाएं ख़ास

केरल का प्रसिद्ध त्यौहार ओणम (Onam) इस साल 26 अगस्त से शुरू हो चुका है और 5 सितंबर 2025 तक मनाया जाएगा. थिरुवोनम (Thiruvonam) के साथ ख़त्म होने वाला यह दस दिवसीय त्योहार फसल की कटाई का प्रतिक है. ओणम को राजा महाबली की याद में भी मनाया जाता है. असुर राजा होने के बाद भी उन्हें दयालू और उनकी दानवीरता के लिए याद किया जाता है...

Onam Rangoli Design: ओणम पर फूल और कोलम के ये पारंपरिक रंगोली डिजाइन बनाकर अपने त्यौहार को बनाएं ख़ास
ओणम रंगोली डिजाइन (Photo: YouTube)

Onam Rangoli Design: केरल का प्रसिद्ध त्यौहार ओणम (Onam) इस साल 26 अगस्त से शुरू हो चुका है और 5 सितंबर 2025 तक मनाया जाएगा. थिरुवोनम (Thiruvonam) के साथ ख़त्म होने वाला यह दस दिवसीय त्योहार फसल की कटाई का प्रतिक है. ओणम को राजा महाबली की याद में भी मनाया जाता है. असुर राजा होने के बाद भी उन्हें दयालू और उनकी दानवीरता के लिए याद किया जाता है. पूरे केरल राज्य में ओणम के त्यौहार को बहुत ही धुम- धाम से मनाया जाता है. इस दौरान घरों, सड़कों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों को रंगोलियों, रंगबिरंगी लाइट्स, दीयों से सजाया जाता है. ओणम यह पर्व केरल के लोगों की धार्मिक भावना से जुड़ा हुआ है और इस त्यौहार के जरिए आप केरल की सांस्कृतिक विरासत को देख सकते हैं. ओणम पर समाज के सभी वर्ग और समुदाय, धर्म, जाति या पृष्ठभूमि की सीमाओं को पार कर, एक साथ ख़ुशी- ख़ुशी इस पर्व को मनाते हैं. पारंपरिक डांस, खेल, संगीत, पारंपरिक भोजन, और लोक परंपराओं से भरपूर यह उत्सव, केरल की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है. यह भी पढ़ें: Vaman Jayanti 2025: कब है वामन जयंती? जानें इस व्रत का महत्व, मुहूर्त, मंत्र एवं पूजा विधि विस्तार से?

इस वर्ष अगर आप अपने ओणम के त्योहार को और ख़ास और शुभ मनाना चाहते हैं तो हम ले आये है कुछ लेटेस्ट रंगोली डिजाइन, जिन्हें आप फूलों और कोलम से बना सकते हैं. यह रंगोली डिजाइन बहुत ही आसान हैं और झटपट बन सकते हैं. रंगोली (Pookalams) के लेटेस्ट डिजाइन देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें.

सरल ओणम पूकलम डिज़ाइन

फ्लावर रंगोली डिजाइन

सरल ओणम पूकलम डिज़ाइन

ओणम का त्यौहार अथम (Atham) से शुरू होता है और थिरुवोनम (Thiruvonam) के साथ ख़त्म होता है. हर दिन की अपनी अलग रिती होती हैं. इस दौरान परिवार अपने दरवाज़ों पर या आंगन को पूकलम से सजाते हैं, भव्य पारंपरिक भोजन तैयार करते हैं, जिसे केले के पत्तों पर एक दर्जन से ज़्यादा शाकाहारी व्यंजनों के साथ परोसा जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 03, 2025 12:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).