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Margashirsha Guruvar Vrat 2025 Dates: महाराष्ट्र में 21 नवंबर से शुरू हो रहा है मार्गशीर्ष का महीना, देखें महालक्ष्मी व्रत की तिथियां

महाराष्ट्र में मार्गशीर्ष का यह महीना कब से शुरू होगा और कब तक चलेगा? जानिए इस जानकारी के बारे में। साथ ही यह भी जान लें कि इस वर्ष मार्गशीर्ष माह के किस दिन, किस गुरुवार को महालक्ष्मी व्रत रखा जाएगा, ताकि आप समय रहते मार्गशीर्ष गुरुवार को महालक्ष्मी व्रत की तैयारियां अच्छी तरह से कर सकें.

Margashirsha Guruvar Vrat 2025 Dates: महाराष्ट्र में 21 नवंबर से शुरू हो रहा है मार्गशीर्ष का महीना, देखें महालक्ष्मी व्रत की तिथियां
मार्गशीर्ष गुरुवार व्रत 2025 (Photo Credits: File Image)

Margashirsha Guruvar Vrat 2025 Dates: कार्तिक मास की तरह ही मार्गशीर्ष (Margashirsha) भी हिंदुओं के लिए एक पवित्र महीना है, जो धन व ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी (Mata Lakshmi) को समर्पित है, इसलिए मार्गशीर्ष माह में हर घर में महालक्ष्मी व्रत (Mahalakshmi Vrat) रखने की प्रथा है. यह व्रत मार्गशीर्ष माह के प्रत्येक गुरुवार (Margashirsha Guruvar Vrat) को रखा जाता है. इस अवसर पर, कई घरों में श्रावण माह की तरह मार्गशीर्ष माह में भी मांसाहारी भोजन वर्जित होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, महाराष्ट्र (Maharashtra) में हिंदू महीने की शुरुआत अमावस्या के अगले दिन से होती है. ऐसे में सवाल है कि महाराष्ट्र में मार्गशीर्ष का यह महीना कब से शुरू होगा और कब तक चलेगा? जानिए इस जानकारी के बारे में। साथ ही यह भी जान लें कि इस वर्ष मार्गशीर्ष माह के किस दिन, किस गुरुवार को महालक्ष्मी व्रत रखा जाएगा, ताकि आप समय रहते मार्गशीर्ष गुरुवार को महालक्ष्मी व्रत की तैयारियां अच्छी तरह से कर सकें.

इस वर्ष मार्गशीर्ष माह कब से शुरू होगा?

इस वर्ष महाराष्ट्र में मार्गशीर्ष माह 21 नवंबर से शुरू होगा. पहला गुरुवार 27 नवंबर को है. इस वर्ष मार्गशीर्ष माह में महालक्ष्मी व्रत के लिए 4 गुरुवार रखे जाएंगे. यह भी पढ़ें: Dev Deepawali 2025 Messages: देव दीपावली पर प्रियजनों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Wishes और Facebook Greetings

मार्गशीर्ष गुरुवार 2025 व्रत तिथियां

पहला गुरुवार- 27 नवंबर 2025

दूसरा गुरुवार- 4 दिसंबर 2025

तीसरा गुरुवार- 11 दिसंबर 2025

चौथा गुरुवार- 18 दिसंबर 2025

मार्गशीर्ष गुरुवार महालक्ष्मी व्रत

मार्गशीर्ष माह में प्रत्येक गुरुवार को महालक्ष्मी के प्रतीकात्मक स्वरूप में घट स्थापना की प्रथा है. घट को महालक्ष्मी के स्वरूप में सजाया जाता है. प्रत्येक गुरुवार को माला और वेणी (गजरा) अर्पित करके इसकी पूजा की जाती है. महिलाएं सुबह और शाम घट की पूजा करती हैं और पूरे दिन व्रत रखती हैं. मार्गशीर्ष माह के अंतिम गुरुवार को उद्यापन के समय महिलाओं के लिए हल्दी-कुंकवा कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इस अवसर पर महिलाओं को अपने घर आमंत्रित करके उनके माथे पर हल्दी, कुमकुम का तिलक किया जाता है और विभिन्न प्रकार के फूलों का उपहार दिया जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2025 12:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).