Jur Sital 2026 Messages: मिथिला में मैथिली नववर्ष का उत्साह, इन शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, Facebook Greetings के जरिए दें ‘जुड़ शीतल’ की शुभकामनाएं
मैथिली नववर्ष 2026 (Photo Credits: File Image)

Jur Sital/Maithili New Year 2026 Messages: बिहार और नेपाल के मिथिलांचल क्षेत्र में 'मैथिली नववर्ष' (Maithili New Year) को लेकर लोगों में खासा उत्साह है. इस साल 'जुड़ शीतल' (Jur Sital) का पर्व 14 अप्रैल 2026 को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. जिस प्रकार मिथिला में छठ के दौरान सूर्य और चौरचन में चंद्रमा की उपासना की जाती है, उसी तरह जुड़ शीतल पर जल की विशेष पूजा कर शीतलता की कामना की जाती है.

जुड़ शीतल का उत्सव दो दिनों तक चलता है. पहले दिन को 'सतुआन' के रूप में मनाया जाता है, वहीं दूसरे दिन 'धुरखेल' की परंपरा निभाई जाती है. इस पर्व का मुख्य उद्देश्य शीतलता की प्राप्ति है, जिसे मैथिली समुदाय नए साल की शुरुआत के रूप में बड़े महत्व के साथ मनाता है.

मैथिली नववर्ष यानी जुड़ शीतल के इस शुभ अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामना संदेशों के जरिए बधाई देते हैं. ऐसे में इस पावन अवसर पर आप भी अपने प्रियजनों को इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, व्हाट्सएप विशेज और फेसबुक ग्रीटिंग्स के माध्यम से मैथिली नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भेज सकते हैं.

1- हर साल आता है,
हर साल जाता है;
इस नए साल में आपको वो सब मिले,
जो आपका दिल चाहता है.
मैथिली नववर्ष की शुभकामनाएं

मैथिली नववर्ष 2026 (Photo Credits: File Image)

2- जब तक तुमको ना देखूं,
मेरे दिल को करार ना आएगा,
तुम बिन तो जिंदगी में हमारी,
नए साल का ख्याल भी नही आएगा.
मैथिली नववर्ष की शुभकामनाएं

मैथिली नववर्ष 2026 (Photo Credits: File Image)

3- आपकी आंखों में सजे हैं जो भी सपने,
और दिल में छुपी हैं जो भी अभिलाषाएं,
यह नया वर्ष उन्हें सच कर जाए,
आपके लिए है हमारी यही शुभकामनाएं.
मैथिली नववर्ष की शुभकामनाएं

मैथिली नववर्ष 2026 (Photo Credits: File Image)

4- फिर न सिमटेगी मोहब्बत जो बिखर जाएगी,
जिंदगी जुल्फें नहीं जो फिर से संवर जाएगी,
नए साल में थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ये जिंदगी ठहरेगी नहीं जो गुजर जाएगी.
मैथिली नववर्ष की शुभकामनाएं

मैथिली नववर्ष 2026 (Photo Credits: File Image)

5- गुलों की शाख से खुशबू चुरा के लाया है,
गगन के पांव से घुंघरू चुरा के लाया है,
थिरकते कदमों से आया है आज नया साल
जो की तुम्हारे वास्ते खुशियां चुरा के लाया है.
मैथिली नववर्ष की शुभकामनाएं

मैथिली नववर्ष 2026 (Photo Credits: File Image)

इस त्योहार की सबसे अनूठी रस्म 'शीतल जल' से जुड़ी है. घर के बड़े-बुजुर्ग परिवार के छोटों के सिर पर बासी पानी डालते हैं और 'जुड़ैल रहु' का आशीर्वाद देते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से भीषण गर्मी के दौरान मस्तिष्क में ठंडक बनी रहती है. इस दिन समुदाय के लोग कुएं और तालाब जैसे जल स्रोतों की सफाई करते हैं, जो प्राचीन जल संरक्षण पद्धति का हिस्सा है. शाम के समय परिवार के सदस्य पेड़-पौधों को जल से सींचते हैं, जो प्रकृति के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है.

जुड़ शीतल के दिन मिथिला समाज में चूल्हा न जलाने की प्राचीन परंपरा है. सतुआन के अगले दिन लोग केवल सत्तू और बेसन से बने बासी भोजन का ही सेवन करते हैं. मौसम के अनुकूल सत्तू और बेसन का अधिक इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि ये व्यंजन गर्मियों में जल्दी खराब नहीं होते. विशेषज्ञों के अनुसार, यह परंपरा फसल चक्र और बदलते मौसम के बीच संतुलन बनाए रखने का एक तरीका है.