Happy Tulsi Vivah 2022 Wishes: शुभ तुलसी विवाह! इन GIF Greetings, WhatsApp Messages, HD Images, SMS को भेजकर दें बधाई
तुलसी विवाह की रस्में हिंदू धर्म में निभाई जाने वाली विवाह की रस्मों की तरह ही होती है. जिस स्थान पर तुलसी विवाह होता है, उसके चारों तरफ मंडप बनाया जाता है. तुलसी के पौधे का दुल्हन की तरह श्रृंगार किया जाता है और शालिग्राम से विवाह कराया जाता है. लोग तुलसी विवाह की शुभकामनाएं भी देते हैं. ऐसे में आप भी इन विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, एचडी इमेजेस, एसएमएस को भेजकर बधाई दे सकते हैं.
Happy Tulsi Vivah 2022 Wishes in Hindi: तुलसी विवाह उत्सव (Tulsi Vivah) को तुलसी कल्याणम (Tulsi Kalyanam) के नाम से भी जाना जाता है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. तुलसी विवाह के दिन तुलसी जी का विवाह भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) के शालिग्राम (Shaligram) रूप से विवाह संपन्न कराया जाता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, कई जगहों पर देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi) यानी देव प्रबोधिनी एकादशी (Dev Prabodhini Ekadashi) के दिन तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है, जबकि यह उत्सव कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है. दरअसल, आषाढ़ मास की देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा में चले जाते हैं, फिर कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी के दिन गहन योगनिद्रा से जागते हैं और इसी के साथ चातुर्मास की समाप्ति होती है व मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाता है.
तुलसी विवाह की रस्में हिंदू धर्म में निभाई जाने वाली विवाह की रस्मों की तरह ही होती है. जिस स्थान पर तुलसी विवाह होता है, उसके चारों तरफ मंडप बनाया जाता है. तुलसी के पौधे का दुल्हन की तरह श्रृंगार किया जाता है और शालिग्राम से विवाह कराया जाता है. लोग तुलसी विवाह की शुभकामनाएं भी देते हैं. ऐसे में आप भी इन विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, एचडी इमेजेस, एसएमएस को भेजकर बधाई दे सकते हैं.
तुलसी विवाह 2022

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तुलसी विवाह 2022

तुलसी विवाह 2022

तुलसी विवाह 2022

तुलसी विवाह 2022

गौरतलब है कि हिंदू धर्म में तुलसी विवाह के पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. लक्ष्मी स्वरूपा तुलसी भगवान विष्णु को अतिप्रिय हैं, इसलिए उनका विवाह शालिग्राम से कराया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि देवउठनी एकादशी को योगनिद्रा से जागने के बाद भगवान विष्णु सबसे पहले तुलसी की पुकार सुनते हैं, इसलिए इस दिन कई जगहों पर तुलसी पूजन भी किया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2022 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

