Good Friday 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज, 3 अप्रैल 2026 को गुड फ्राइडे के पवित्र अवसर पर प्रभु ईसा मसीह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री ने ईसा मसीह के अटूट साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें सेवा और करुणा का मार्ग दिखाता है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से देशवासियों के लिए शांति और भाईचारे का संदेश साझा किया.
प्रधानमंत्री का विशेष संदेश
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, "गुड फ्राइडे हमें ईसा मसीह के बलिदान की याद दिलाता है. यह दिन हमारे समाज में सद्भाव, करुणा और क्षमा के मूल्यों को और गहरा करे. भाईचारा और आशा हम सभी का मार्गदर्शन करें." प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देशभर में मसीही समुदाय इस दिन को प्रार्थना और उपवास के साथ मना रहा है. यह भी पढ़े: Good Friday 2026 Messages: गुड फ्राइडे पर इन हिंदी WhatsApp Status, Quotes, Photo SMS के जरिए करें ईसा मसीह के बलिदान को याद
पीएम मोदी का पोस्ट
Good Friday reminds us of Jesus Christ’s sacrifice. May this day further deepen the values of harmony, compassion and forgiveness. May brotherhood and hope guide us all.
— Narendra Modi (@narendramodi) April 3, 2026
गुड फ्राइडे का महत्व और इतिहास
गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है, जो ईस्टर से पहले आने वाले शुक्रवार को मनाया जाता है. यह दिन प्रभु ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने और उनके बलिदान का प्रतीक है. ईसाई मान्यताओं के अनुसार, ईसा मसीह ने मानवता के पापों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था.
रोमन काल के दौरान, गवर्नर पोंटियस पिलाट के आदेश पर उन्हें कलवारी (गोल्गोथा) में सूली पर चढ़ाया गया था. इस दिन को 'गुड' (Good) इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका अर्थ 'पवित्र' या 'पावन' से है, जो मानवता के उद्धार और मुक्ति का संदेश देता है.
देशभर में प्रार्थना सभाओं का आयोजन
आज सुबह से ही दिल्ली, मुंबई, केरल और गोवा सहित देश के विभिन्न हिस्सों में चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं. गुड फ्राइडे के दिन लोग उपवास रखते हैं और चर्च में जाकर ईसा मसीह के अंतिम सात शब्दों का स्मरण करते हैं. इस दिन चर्चों में घंटी नहीं बजाई जाती और वातावरण बेहद शांत और गंभीर रखा जाता है.
आस्था और भाईचारे का प्रतीक
भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में गुड फ्राइडे केवल ईसाई समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी धर्मों के बीच त्याग और प्रेम का संदेश फैलाता है. प्रधानमंत्री के संदेश ने भी इसी समावेशी भावना को रेखांकित किया है. इसके तीन दिन बाद, यानी रविवार को 'ईस्टर' (Easter Sunday) मनाया जाएगा, जो ईसा मसीह के पुनरुत्थान और नई आशा का उत्सव है.
प्रशासन ने भी इस अवसर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक अपनी प्रार्थनाएं संपन्न कर सकें. डिजिटल माध्यमों पर भी लोग एक-दूसरे को शांति और करुणा के संदेश भेजकर इस दिन की महत्ता को साझा कर रहे हैं.













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