Gita Jayanti 2024 Quotes: गीता जयंती की शुभकामनाएं! प्रियजनों संग शेयर करें श्रीमद्भगवत गीता के ये 10 अनमोल उपदेश
गीता जयंती के दिन लोग गीता का पाठ करते हैं, भजन गाते हैं और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं. इस पर्व का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि यह हमें जीवन की समस्याओं का समाधान बताता है और आध्यात्मिक विकास में सहायक होता है. गीता जयंती के इस पावन अवसर पर आप श्रीमद्भगवत गीता के इन 10 अनमोल उपदेशों को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें इस पर्व की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Gita Jayanti 2024 Quotes in Hindi: इस साल गीता जयंती का पर्व 11 दिसंबर 2024 को मनाया जा रहा है, जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती (Gita Jayanti) मनाई जाती है. ऐसी मान्यता है कि द्वापर युग में इसी पावन तिथि पर महाभारत युद्ध से ठीक पहले कुरूक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवत गीता का उपदेश दिया था. इस पवित्र ग्रंथ में कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग का विस्तृत वर्णन है. यह ग्रंथ न सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि जीवन के हर पहलू में मार्गदर्शन प्रदान करता है. श्रीमद्भगवत गीता (Shrimad Bhagwad Gita) में कुल 18 अध्याय हैं, जिसमें पहले के 6 अध्यायों में कर्मयोग, दूसरे के 6 अध्यायों में ज्ञानयोग और आखिरी के 6 अध्यायों में भक्तियोग के उपदेश दिए गए हैं. इसमें इंसान के जन्म से लेकर मौत तक के चक्र और मृत्यु के बाद के चक्र को विस्तारपूर्वक बताया गया है.
गीता जयंती के दिन लोग गीता का पाठ करते हैं, भजन गाते हैं और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं. इस पर्व का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि यह हमें जीवन की समस्याओं का समाधान बताता है और आध्यात्मिक विकास में सहायक होता है. गीता जयंती के इस पावन अवसर पर आप श्रीमद्भगवत गीता के इन 10 अनमोल उपदेशों को प्रियजनों संग शेयर करके उन्हें इस पर्व की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1- अपने कर्म पर अपना दिल लगाएं, उसके फल की चिंता न करें.










गीता जयंती के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद एक चौकी पर श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित करके विधि-विधान से उनकी पूजा करें. श्रीमद्भगवत ग्रंथ की चंदन और तिलक लगाकर पूजा करें, फिर गीता के श्लोकों का पाठ करें और गीता की आरती करें. ऐसी मान्यता है कि गीता का नियमित पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मकता दूर होती है. गीता का पाठ न सिर्फ आत्मबल को बढ़ाता है, बल्कि व्यक्ति को हर परिस्थिति का सामना करने की शक्ति भी प्रदान करता है. इसके नियमित पाठ से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती हैं, घर का वास्तुदोष दूर होता है. साथ ही इसका पाठ मानसिक परेशानी, गृह क्लेश और शत्रुओं से भी मुक्ति दिलाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 11, 2024 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

