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Easter Sunday 2026: ईस्टर के मौके पर PM मोदी ने देशवासियों को दी बधाई, ईसा मसीह की शिक्षाओं का जिक्र कर की ये खास अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईस्टर के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है. उन्होंने आशा और नवीनीकरण के इस पर्व पर समाज में दया, शांति और एकजुटता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया है.

Easter Sunday 2026: ईस्टर के मौके पर PM मोदी ने देशवासियों को दी बधाई, ईसा मसीह की शिक्षाओं का जिक्र कर की ये खास अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits: X/@narendramodi)

Easter Sunday 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को ईस्टर के पावन अवसर पर देश और दुनिया भर के लोगों को शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने इस दिन को 'आशा और नवीनीकरण' का प्रतीक बताते हुए कामना की कि यह पर्व हर किसी के जीवन में शांति, खुशी और चमक लेकर आए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने संदेश में ईसा मसीह की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए लोगों से दयालु बनने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आग्रह किया.

प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक पोस्ट में लिखा, "ईस्टर की शुभकामनाएं. यह पवित्र दिन आशा और नवीनीकरण का उत्सव मनाता है. यह सभी के जीवन में शांति, आनंद और प्रकाश लाए. ईसा मसीह की शिक्षाएं सभी को दयालु बनने और समाज में एकजुटता की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करें." प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत समेत पूरी दुनिया में ईसाई समुदाय उल्लास के साथ इस पर्व को मना रहा है.  यह भी पढ़े:  Happy New Year 2026: PM मोदी ने देशवासियों को दी नए साल की शुभकामनाएं, संस्कृत श्लोक और विशेष ऑडियो संदेश के साथ लोगों में भरा नया उत्साह

पीएम मोदी का पोस्ट

वेटिकन से पोप का शांति संदेश

इस अवसर पर वेटिकन सिटी के सेंट पीटर बेसिलिका में ईस्टर विजिल मास की अध्यक्षता करते हुए पोप लियो XIV ने विश्वासियों से डर, अविश्वास और आक्रोश को दूर करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि ये बोझ मानवीय हृदय पर भारी पड़ते हैं और लोगों व राष्ट्रों को विभाजित करते हैं.

पोप ने 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से संदेश दिया, "आज भी कई ऐसी कब्रें हैं जिन्हें खोलना बाकी है. अविश्वास, भय, स्वार्थ और आक्रोश जैसे बोझ हमारे बीच के बंधनों को युद्ध और अन्याय के माध्यम से तोड़ देते हैं. हमें खुद को इनसे पंगु नहीं होने देना चाहिए."

ईस्टर का महत्व और 40 दिनों का उपवास

ईसाई धर्म में ईस्टर सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. यह ईसा मसीह के पुनरुत्थान (Resurrection) की याद में मनाया जाता है. मान्यता के अनुसार, क्रूस पर चढ़ाए जाने के तीसरे दिन ईसा मसीह पुनर्जीवित हो गए थे. इस पर्व की तैयारी में ईसाई समुदाय 40 दिनों का उपवास रखता है जिसे 'लेंट' (Lent) कहा जाता है. इस वर्ष लेंट की अवधि 18 फरवरी को 'ऐश वेडनेसडे' (Ash Wednesday) से शुरू हुई थी.

इस 40 दिवसीय अवधि के दौरान श्रद्धालु उपवास, विशेष प्रार्थना, तीर्थयात्रा और 'वे ऑफ द क्रॉस' जैसी आध्यात्मिक गतिविधियों में संलग्न रहते हैं, जो ईसा मसीह के कष्टों और बलिदान को दर्शाते हैं.

पवित्र सप्ताह (Holy Week) का समापन

ईस्टर के साथ ही ईसाई समुदाय के 'होली वीक' का भी समापन होता है. इस सप्ताह की शुरुआत पिछले रविवार को 'पाम संडे' के साथ हुई थी. इसके बाद 2 अप्रैल को 'मौंडी थर्सडे' और 3 अप्रैल को 'गुड फ्राइडे' मनाया गया, जिस दिन ईसा मसीह के बलिदान को याद किया गया था. आज ईस्टर के दिन चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जा रहा है और लोग एक-दूसरे को 'हैप्पी ईस्टर' कहकर इस पर्व की खुशियां बांट रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2026 10:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).