Baisakhi 2025 Wishes: बैसाखी की लख-लख बधाइयां! प्रिजयनों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings और Photo SMS
बैसाखी 2025 (Photo Credits: File Image)

Baisakhi 2025 Wishes in Hindi: उत्तर भारत में हर साल अप्रैल महीने में बैसाखी (Baisakhi) के पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है, जो कि मुख्य रूप से कृषि से जुड़ा हुआ है और इस उत्सव को नई फसल की कटाई की खुशी में मनाया जाता है. खुशहाली और समृद्धि के  इस पर्व को नए साल (New Year) के तौर पर भारत में पंजाबियों, सिखों और कई धर्मों के लोगों द्वारा मनाया जाता है. आमतौर पर बैसाखी के पर्व को सौर नव वर्ष (Solar New Year) की शुरुआत के तौर पर हर साल 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है, जबकि इस साल 13 अप्रैल 2025 को बैसाखी मनाई जा रही है. सिख समुदाय के लिए यह पर्व धार्मिक महत्व इसलिए भी रखता है, क्योंकि इसी दिन गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. बैसाखी का पर्व कृषि, समाज और धर्म के संगम का प्रतीक है, जहां लोग खुशी व समृद्धि की कामना करते हैं और सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं.

बैसाखी भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता को प्रदर्शित करने वाला एक खास अवसर है. विशेष रूप से कृषि प्रधान समाज के लिए यह पर्व काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैसाखी के दिन नई फसल की कटाई होती है और किसानों को उनकी मेहनत का फल फसल के रूप में मिलता है. इस बेहद खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स और फोटो एसएमएस के जरिए बैसाखी की लख-लख बधाइयां दे सकते हैं.

1- नए दौर, नए युग की शुरुआत,
सत्‍यता, कर्तव्‍यता हो सदा साथ,
बैसाखी का यह सुंदर पर्व,
सदैव याद दिलाता है मानवता का पाठ.
बैसाखी की लख-लख बधाइयां

बैसाखी 2025 (Photo Credits: File Image)

2- सुनहरी धूप बरसात के बाद,
थोड़ी सी खुशी हर बात के बाद,
उसी तरह हो मुबारक आपको,
ये नई सुबह कल रात के बाद!
बैसाखी की लख-लख बधाइयां

बैसाखी 2025 (Photo Credits: File Image)

3- फूलों की महक,
गेंहू की बालियां,
तितलियों की रंगत,
अपनों का प्यार,
सब को दिल से मुबारक हो,
बैसाखी का त्योहार…
बैसाखी की लख-लख बधाइयां

बैसाखी 2025 (Photo Credits: File Image)

4- बैसाखी आई, बैसाखी आई,
साथ में ढेर सारी खुशियां लाई,
तो भंगड़ा पाओ, खुशी मनाओ.
मिलकर सब बंधु भाई…
बैसाखी की लख-लख बधाइयां

बैसाखी 2025 (Photo Credits: File Image)

5- सुबह से शाम तक वाहेगुरू की कृपा,
ऐसे ही गुजरे हर एक दिन,
न कभी हो किसी से गिला-शिकवा,
एक पल न गुजरे खुशियों बिन.
बैसाखी की लख-लख बधाइयां

बैसाखी 2025 (Photo Credits: File Image)

गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इस पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन को किसान अपनी नई फसल की खुशहाली के रूप में मनाते हैं. इसके साथ ही इस दिन नृत्य, संगीत और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. पंजाब में 'भांगड़ा' और 'गिद्दा' जैसे पारंपरिक नृत्य होते हैं. इस दिन लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशी बांटते हैं और जीवन के नए चक्र की शुरुआत का स्वागत करते हैं. वहीं यह पर्व सिखों के लिए एक नया अध्याय, एक नई शुरुआत और धार्मिक सिद्धांतों के पालन का दिन है. इसी दिन गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना करते हुए समाज को एकजुट करने के लिए एक मजबूत कदम उठाया था.