नई दिल्ली: नौकरी पाने के लिए ईमेल लिखने का तरीका कितना अहम होता है, इसका ताजा उदाहरण सामने आया है. आईआईटी हैदराबाद के एक छात्र ने एक स्टार्टअप फाउंडर का ध्यान खींचने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसे खुद फाउंडर ने बेहद गैर-पेशेवर बताया. हर्षदीप रापाल, जो कि लेगिट एआई के फाउंडर और सीईओ हैं, ने सोशल मीडिया पर एक ईमेल का रेडैक्टेड स्क्रीनशॉट शेयर किया. इस ईमेल का सब्जेक्ट था —"आपका नाम एप्सटीन फाइलों में है." Who Is Edward Nathan Varghese: कौन हैं एडवर्ड नाथन वर्गीज़? जानें 21 वर्षीय IIT हैदराबाद छात्र के बारे में जिन्हें US की एक कंपनी में मिला ₹2.5 करोड़ का जॉब ऑफर
ईमेल खोलते ही निकला ‘प्रैंक’
रिपाल के अनुसार, ईमेल खोलने पर पहली ही लाइन में लिखा था “नमस्ते हर्षदीप, मजाक कर रहा हूँ, मैं चाहता था कि आप मेल खोलें.” इसके बाद छात्र ने खुद को IIT हैदराबाद का कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) स्टूडेंट बताया और कंपनी के “स्मार्ट अनुबंध सहायक” से जुड़े रोल के लिए चर्चा की इच्छा जताई. साथ ही अपना रिज्यूमे भी अटैच किया.
फाउंडर ने बताया गैर-पेशेवर तरीका
हर्षदीप रापाल ने इस हरकत को “शॉर्टकट” और अनप्रोफेशनल बताते हुए लिखा कि इस तरह के ईमेल को ज्यादातर फाउंडर्स या बिजनेस लीडर्स नजरअंदाज कर देते हैं. उन्होंने कहा, “हम कॉन्ट्रैक्ट्स के बिजनेस में काम करते हैं. यह बेहद गंभीर काम है, जिसमें अकाउंटेबिलिटी, ओनरशिप और प्रोफेशनलिज्म जरूरी है. अगर पहली ही ईमेल का सब्जेक्ट और ओपनिंग ऐसी हो, तो मैं जवाब नहीं देता.”
कॉलेज प्रोजेक्ट और रियल बिजनेस में फर्क
हर्षदीप रापाल ने आगे लिखा कि कॉलेज प्रोजेक्ट पर काम करने और किसी असली बिजनेस टीम का हिस्सा बनने में बड़ा फर्क होता है. उन्होंने माना कि कभी-कभी हताशा लोगों को गलत रास्ता अपनाने पर मजबूर कर देती है, लेकिन यह तरीका किसी काम का नहीं है.
"Your Name Is In Epstein Files": IIT Hyderabad Student Tricks Tech Founder With Shocking Email https://t.co/BLFjvltl26 pic.twitter.com/Q1S6CgIxOu
— NDTV (@ndtv) February 12, 2026
एपस्टीन फ़ाइल विवाद से जुड़ा मामला
यह प्रैंक हाल ही में दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एप्सटीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज सामने आने के बाद चर्चा में आई खबरों से जुड़ा था. इन फाइल्स में कई हाई-प्रोफाइल नामों का जिक्र होने से सोशल मीडिया पर पहले ही विवाद चल रहा है.
सोशल मीडिया यूजर्स की तीखी प्रतिक्रिया
इस ईमेल के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने छात्र की सोच पर सवाल उठाए. यह मामला साफ दिखाता है कि नौकरी के लिए अप्रोच करते समय प्रोफेशनलिज्म कितना जरूरी है. ध्यान खींचने के लिए किए गए ऐसे प्रयोग उल्टा असर डाल सकते हैं और करियर पर नकारात्मक छाप छोड़ सकते हैं.












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