खोरधा (ओडिशा): ओडिशा (Odisha) के खोरधा जिले (Khurda District) से एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना प्रकाश में आई है, जहां दो लोगों ने एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gang-Raped) किया. घटना उस समय हुई जब महिला अपने दो नाबालिग बच्चों (Minor Children) के साथ बाजार से गांव लौट रही थी. आरोपियों ने न केवल महिला के साथ दरिंदगी की, बल्कि विरोध करने पर उसे गंभीर रूप से घायल भी कर दिया. 6 मार्च को पुलिस ने पुष्टि की कि दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. यह भी पढ़ें: Odisha Horror: ओडिशा में शिक्षा जगत शर्मसार, कक्षा 7वीं की छात्रा से एक साल से रेप, 5 शिक्षक सहित एक चपरासी गिरफ्तार
क्या है पूरा मामला?
घटना 20 फरवरी की बताई जा रही है, जब पीड़ित महिला बानापुर इलाके के पास एक सुनसान जंगल से गुजर रही थी. तभी दो लोगों ने उसे रोक लिया और जबरन झाड़ियों में खींच ले गए. महिला का आरोप है कि आरोपियों ने उसके बच्चों के सामने ही इस घटना को अंजाम दिया. संघर्ष के दौरान, एक आरोपी ने महिला के चेहरे पर काट लिया, जिससे उसे गंभीर चोट आई और उसका चेहरा विकृत हो गया.
अस्पताल में भर्ती पीड़िता
वारदात के बाद, अर्ध-चेतन अवस्था में महिला किसी तरह अपने गांव पहुंची. परिजनों ने उसे तत्काल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, लेकिन चेहरे की गंभीर चोटों और आघात के कारण उसे भुवनेश्वर के एक विशेषज्ञ अस्पताल में रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों ने महिला की सर्जरी की है और फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर है, हालांकि वह गहरे सदमे (ट्रॉमा) में है. यह भी पढ़ें: Odisha Road Accident: ओडिशा के बालासोर में खड़े ट्रक से टकराई बस, दो की मौत, नौ से अधिक घायल
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए खोरधा पुलिस ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया. पीड़िता द्वारा दिए गए विवरण के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और गुरुवार शाम तक दोनों स्थानीय निवासियों को पकड़ लिया. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से महिला का पीछा कर रहे थे और मौका मिलते ही उन्होंने इस सुनसान जगह पर हमला किया.
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिनमें गैंगरेप (धारा 70) और गंभीर चोट पहुंचाना (धारा 117) शामिल है, के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने घटना का कोई वीडियो बनाया था, क्योंकि उनके पास से जब्त किए गए मोबाइल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है.
सुरक्षा और सहायता के आश्वासन
जिला प्रशासन ने पीड़िता और उसके बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है. फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से नमूने एकत्र कर लिए हैं और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जा रहा है ताकि न्याय प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके.











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