Agra Shocker: उत्तर प्रदेश-राजस्थान सीमा (Uttar Pradesh-Rajasthan Border) के पास आगरा (Agra) के सैयां थाना क्षेत्र (Saiyan Police Station) में एक ऑटो चालक (Auto Rikshaw Driver) की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है. मृतक की पहचान राजस्थान (Rajasthan) के धौलपुर (Dhaulpur) निवासी 38 वर्षीय विजयपाल सिंह (Vijaypal Singh) के रूप में हुई है. पुलिस ने गहन जांच और सीसीटीवी फुटेज (CCTC Footage) की मदद से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. यह भी पढ़ें: Odisha Shocker: ओडिशा में चौंकाने वाला मामला, बच्चों के सामने महिला से गैंगरेप, दरिंदगी करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
घटना का विवरण
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि 14 फरवरी की शाम को दोनों आरोपियों ने विजयपाल का ऑटो 300 रुपये के किराये पर लिया था. रास्ते में उन्होंने ऑटो के अंदर ही शराब पी और चालक को भी जबरन शराब पिलाई. इसके बाद उन्होंने ऑटो को एक सुनसान जगह पर ले जाकर चालक के साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया. जब विजयपाल ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और पास के एक नाले में ले जाकर उसे पानी में डुबोकर मार डाला.
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
विजयपाल के परिजनों ने 17 फरवरी को उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद ही पुलिस को नाले में शव मिला. पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित कीं और सीसीटीवी फुटेज व कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए आरोपियों—विष्णु कुशवाहा (20) और अमित शुक्ला (25)—की पहचान की. दोनों आरोपी सैयां इलाके के ही रहने वाले हैं. पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने ऑटो को रास्ते से भटकाकर एक सुनसान जगह पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया.
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी 'हिस्ट्रीशीटर' हैं. विष्णु कुशवाहा पहले भी पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत आठ महीने जेल में रह चुका है. वहीं, अमित शुक्ला का भी हिंसक वारदातों का पिछला रिकॉर्ड रहा है, जिसे 2020 में इसी तरह के अपराध के लिए जेल भेजा गया था.
सैयां थाने के एसओ गुरविंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों का व्यवहार 'प्रिडेटरी' (शिकारी प्रवृत्ति का) रहा है. घटना की क्रूरता उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को दर्शाती है.
परिजनों की न्याय की मांग
विजयपाल सिंह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं. पीड़ित परिवार ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रही है. आगरा के स्थानीय ऑटो चालक संघ ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सीमावर्ती इलाकों में देर रात काम करने वाले चालकों के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है.













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