West Bengala: पश्चिम बंगाल में 9 मई को नई सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना, सुवेंदु अधिकारी या कोई और, सस्पेंस बरकरार
विवरण पश्चिम बंगाल में 9 मई को नई सरकार का शपथग्रहण समारोह निर्धारित है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। यह लेख नवीनतम राजनीतिक घटनाक्रमों और संभावित उम्मीदवारों पर प्रकाश डालता है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल दी है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 294 सदस्यीय विधानसभा में प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए 207 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल पुराने शासन का अंत हो गया है. टीएमसी इस चुनाव में महज 80 सीटों पर सिमट गई है.
9 मई को शपथ ग्रहण
नतीजों के बाद अब सबकी नजरें राजभवन पर टिकी हैं. सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जा सकता है. यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है. यह भी पढ़े: Stalin Resigns From CM Post: TVK की तमिलनाडु में सरकार बनाने की कवायद तेज, प्रदेश में हार के बाद स्टालिन ने CM पद से दिया इस्तीफा
मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बरकरार
प्रचंड बहुमत मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. राजनीतिक गलियारों में सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे है. उन्होंने न केवल अपनी सीट पर जीत हासिल की, बल्कि पूरे राज्य में पार्टी के अभियान का नेतृत्व किया. हालांकि, भाजपा आलाकमान की ओर से अभी तक उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
पार्टी के भीतर एक वर्ग का मानना है कि दिल्ली से किसी केंद्रीय चेहरे को भी बंगाल की कमान सौंपी जा सकती है. फिलहाल, अंतिम फैसले के लिए दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठकों का दौर जारी है.
ममता बनर्जी के शासन पर लगा विराम
इन चुनाव परिणामों ने बंगाल में 'परिवर्तन' की नई लहर दिखाई है. जहाँ 2021 में टीएमसी ने बड़ी जीत दर्ज की थी, वहीं 2026 में आंकड़े पूरी तरह उलट गए हैं. भाजपा ने न केवल अपने गढ़ बचाए, बल्कि टीएमसी के मजबूत किलों में भी बड़ी सेंध लगाई है. 80 सीटों पर सिमटने के बाद टीएमसी अब राज्य में मुख्य विपक्ष की भूमिका निभाएगी.
नई सरकार की प्राथमिकताएं और चुनौतियां
9 मई को शपथ लेने वाली नई सरकार के सामने बंगाल की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती होगी. भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कई वादे किए हैं, जिन्हें पूरा करना प्राथमिकता होगी:
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कानून व्यवस्था: चुनाव के बाद की शांति और प्रशासनिक स्थिरता बहाल करना सबसे पहली प्राथमिकता होगी.
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औद्योगिकीकरण: राज्य में नए निवेश को आकर्षित करना और बंद पड़ी फैक्ट्रियों को दोबारा शुरू करना.
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आर्थिक सुधार: राज्य पर बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने के लिए कड़े कदम उठाना.
दिल्ली में होगा अंतिम फैसला
मुख्यमंत्री के चयन के लिए भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षकों की एक टीम जल्द ही कोलकाता पहुंचेगी. नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक के बाद नेता के नाम का प्रस्ताव रखा जाएगा. इसके बाद ही राजभवन को औपचारिक रूप से जानकारी दी जाएगी.
बंगाल की जनता अब उस पल का इंतजार कर रही है जब 9 मई को राजभवन के लॉन में नया नेतृत्व शपथ लेगा. इस जीत ने न केवल बंगाल बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी भाजपा के कद को और मजबूती दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2026 02:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

