Vindhya Corridor: यूपी को संवारने का काम जारी, गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी करेंगे विंध्य कॉरिडोर का शिलान्यास
यूपी को सजाने और संवारने का काम जारी है, इसी क्रम में पूर्वांचल में भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. भोले बाबा की नगरी काशी की संकरी गलियों और गंगा घाटो तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाने के लिए जहां काशी कॉरिडोर का काम जोरो पर हैं, वहीं अब मिर्जापुर में विंध्य कॉरिडोर का एक अगस्त को शिलान्यास होगा.
यूपी को सजाने और संवारने का काम जारी है, इसी क्रम में पूर्वांचल में भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. भोले बाबा की नगरी काशी की संकरी गलियों और गंगा घाटो तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाने के लिए जहां काशी कॉरिडोर का काम जोरो पर हैं, वहीं अब मिर्जापुर में विंध्य कॉरिडोर का एक अगस्त को शिलान्यास होगा. गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी शिलान्यास करेंगे, जिसके को लेकर जोर-शोर से तैयारी चल रही है.
जर्मन हैंगर तकनीक से बनेगा पंडाल
भूमि-पूजन व शिलान्यास कार्यक्रम के लिए परिक्रमा पथ पर 40 फीट चौड़ा व 150 लंबा पंडाल बनेगा. यह कोई साधारण पंडाल नहीं होगा, बल्कि जर्मन हैंगर तकनीक से छावनी बनाई जा रही है. यह पूरी तरह से वाटर और फायर प्रूफ रहेगा. इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. इसके लिए वाराणसी से टीम बुलाई गई है. मंदिर के दोनों तरफ बन रहे जर्मन हैंगर में एक तरफ भूमि पूजन होगा, तो दूसरी तरफ वीआइपी के बैठने की व्यवस्था होगी. जर्मन हैंगर के अंदर कारपेंटिंग यानि लकड़ी से सजावट भी होगी. जहां भूमि पूजन होगा, वहां 30 फीट लंबा व 30 फीट चौड़ा प्लेटफार्म बनेगा. यही नहीं, मिर्जापुर नगर के महुवरिया स्थित जीआइसी मैदान पर बनने वाला पंडाल भी वाटर प्रूफ होगा. इसके अलावा विंध्य पर्वत पर बनकर तैयार पूर्वांचल के पहले रोप-वे का भी लोकार्पण होगा.
क्या है विंध्य कॉरिडोर
51 शक्तिपीठों में से एक विश्व प्रसिद्ध मां विंध्यवासीनी की नगरी को भी संवारने का काम शुरू कर दिया है. अभी मंदिर दर्शन करने जाने के लिए अक्सर पतल-पतली गलियों से होकर जाना पड़ता है. लेकिन अब 331 करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट विन्ध्य कॉरिडोर का कार्य तेजी से चल रहा है. पहले चरण में विंध्याचल मंदिर के चारों तरफ विन्ध्य परिपथ का निर्माण किया जाना है, जिसके तहत 50 मीटर के अंदर आने वाले 60 से अधिक मकान और दुकानों के ध्वस्तीकरण का काम लगभग पूरा हो चुका है. विंध्य कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत मंदिर परिसर, जलपान केंद्र, गेस्ट हाउस, यात्री सुविधा केंद्र, म्यूजियम, आध्यात्मिक पुस्तक केंद्र, पार्क और पर्यटक स्थल का निर्माण किया जाना है. यह भी पढ़ें : Pornhub and XHamster जैसी पोर्न साईटस पर लगाम लगाने की तैयारी में जुटा ये देश, नियमों की लगातार हो रही है अनदेखी
वहीं विंध्याचल से अष्टभुजी और कालीखोह परिक्रमा पर जाने वाले मार्गों का भी चौड़ीकरण किया जाएगा.
>मिर्जापुर विंध्याचल मार्ग 6.5 किलोमीटर तक 46 फीट चौड़ा किया जाएगा.
>विंध्याचल से कालीखोह जाने वाली रोड को 1.3 किलोमीटर तक 50 फीट चौड़ा किया जाएगा.
>मां अष्टभुजी मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जायेगा. मंदिर के 50 फीट तक यह सौंदर्यीकरण होगा.
>बंगाली तिराहा से अमरावती रोड़ को 50 फीट तक चौड़ा किया जाएगा.
>विंध्याचल में पुरानी वीआईपी रोड को भी 1 किलोमीटर तक 40 से 50 फीट चौड़ा किया जाएगा.
>कचौड़ी गली रोड (पक्का घाट) को 35 फीट चौड़ा किया जाएगा.
>थाना गली रोड को 35 फीट तक चौड़ा किया जायेगा.
>पटेगरा नाला चौराहा से रामघाट रोड को 1.6 किलोमीटर 30 फीट तक चौड़ा किया जायेगा.
>बच्चा पाठक गली रोड को 25 फीट चौड़ा किया जाएगा.
>विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर जाने वाली सड़क को 20 फीट चौड़ा किया जाएगा.
>बंगाली चौराहा से विंध्याचल रेलवे स्टेशन रोड को 20 फीट चौड़ा किया जाएगा.
>फतेहपुरिया गली रोड़ को 15 फीट तक चौड़ा किया जाएगा.
>परिक्रमा पथ एवं 13 सड़क के निर्माण किया जायगा.
>विंध्याचल थाने में 2 सूट का गेस्ट हाउस का निर्माण किया जाएगा.
>विंध्यधाम की सुंदरता को बढ़ाने के लिए डेकोरेट लाइट व स्ट्रीट लाइट का लगवाया जाएगा.
>विंध्याचल से कालीखोह जाने वाली रोड को 1.3 किलोमीटर तक 50 फीट चौड़ा किया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2021 04:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

