Balika Din 2025 Wishes: बालिका दिन के इन हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings, Photo SMS के जरिए दें शुभकामनाएं
देश की पहली महिला शिक्षक सावित्री बाई फुले ने पहले खुद लंबी लड़ाई लड़कर पढ़ाई की, फिर उन्होंने दूसरी लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. उनके बिना देश की शिक्षा और सामाजिक उत्थान की बात अधूरी है. ऐसे में बालिका दिन के इस खास अवसर पर आप इन प्रेरणादायी हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस को भेजकर अपनों को शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Balika Din 2025 Wishes In Hindi: महाराष्ट्र (Maharashtra) में सावित्रीबाई फुले की जयंती (Savitribai Phule Jayanti) पर बालिका दिन (Balika Din) मनाया जाता है और इस अवसर पर महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. 3 जनवरी को देश की पहली महिला शिक्षक सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई जाती है, जिसे महिला शिक्षा दिवस (Mahila Shiksha Diwas) के तौर पर भी जाना जाता है. दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने सन 1955 से सावित्रीबाई फुले जयंती को बालिका दिन के तौर पर मनाना शुरु किया. सावित्रीबाई फुले (Savitribai Phule) ने महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर भारत में महिलाओं के अधिकारों में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसलिए उन्हें भारतीय नारीवाद की जननी भी माना जाता है. अपने पति के साथ मिलकर उन्होंने पुणे के भिड़ेवाड़ा में सन 1848 में लड़कियों के लिए एक स्कूल की स्थापना की, जो देश के स्थापित सबसे शुरुआती स्कूलों में से एक था.
देश की पहली महिला शिक्षक सावित्री बाई फुले ने पहले खुद लंबी लड़ाई लड़कर पढ़ाई की, फिर उन्होंने दूसरी लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. उनके बिना देश की शिक्षा और सामाजिक उत्थान की बात अधूरी है. ऐसे में बालिका दिन के इस खास अवसर पर आप इन प्रेरणादायी हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस को भेजकर अपनों को शुभकामनाएं दे सकते हैं.





सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सातारा जिले में स्थित नायगांव नामक एक छोटे से गांव में हुआ था. महज 9 साल की उम्र में पुणे में रहने वाले ज्योतिबा फुले के साथ उनकी शादी हो गई, उस दौरान ज्योतिबा फुले की उम्र महज 13 साल थी. विवाह के दौरान सावित्री बाई फुले अनपढ़ थीं, जबकि ज्योतिबा फुले तीसरी कक्षा तक पढ़े थे. सावित्री बाई ने अपने पति और दलित चिंतक समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले से पढ़कर दूसरी लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया. इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, अशिक्षा, छुआछूत, सतीप्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज भी उठाई.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 03, 2025 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

