Fact Check: सोशल मीडिया पर कई बार फेक वीडियो या फिर कई साल पुराने वीडियो को हाल ही बताकर लोगों में जानकारी फैलाई जाती है. ऐसा ही एक वीडियो सहारनपुर से सामने आया है. जिसमें एक युवक कांवड़ियों से भरे ट्रक के नीचे एक युवक अचानक कूदता है और ट्रक उसके ऊपर से गुज़र जाता है. इस वीडियो को साल 2025 का बताकर शेयर किया जा रहा है. जबकि इस वीडियो की सच्चाई कुछ और ही है. वीडियो में दावा किया है कि ,'कल सहारनपुर के देवबंद में 'वाहिद' नामक शख्स की, कांवड़ के ट्रक के नीचे आकर मौत हो गई. दंगा शुरु ही हुआ था, कि पुलिस के हाथ एक वीडियो लगा.ये वीडियो कांवड़ यात्रा की वीडियो बनाते हुए एक लड़के के कैमरे में कैद हो गई. इस वीडियो की सच्चाई की पड़ताल पीटीआई फैक्ट चेक ने की है और पाया कि ये वीडियो 8 साल पुराना है और ये वीडियो साल 2025 का न होकर, साल 2017 का है.
इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @98775Anikasingh नाम के हैंडल से शेयर किया गया है.ये भी पढ़े:Fact Check: नेताओं के सामने सोफे पर बैठ गया दलित! गुस्साएं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने की जमकर पिटाई, जानें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस VIDEO की सच्चाई
ट्रक के नीचे युवक ने की आत्महत्या
कल सहारनपुर के देवबंद में "वाहिद" नामक शख्स की, कांवड़ के ट्रक के नीचे आकर मौत हो गई...
दंगा शुरु ही हुआ था, कि पुलिस के हाथ एक विडियो लगा...
ये विडियो कांवड़ यात्रा की विडियो बनाते हुए एक लड़के के कैमरे में कैद हो गई... pic.twitter.com/Sv7z1Kel4i
— 𝓐𝓷𝓲𝓴𝓪 (@98775Anikasingh) July 21, 2025
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मचाया बवाल
हाल ही में एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक युवक कांवड़ियों के ट्रक के नीचे आता दिखाई देता है. इस क्लिप के साथ दावा किया जा रहा है कि यह घटना उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद इलाके में 2025 की कांवड़ यात्रा के दौरान घटी है। कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग देते हुए सवाल उठाए कि आखिर इस युवक ने ऐसा कदम क्यों उठाया?
पीटीआई फैक्ट चेक की जांच में निकली सच्चाई
पीटीआई की फैक्ट चेक टीम ने इस वीडियो की गहन जांच की. गूगल रिवर्स इमेज सर्च के ज़रिए यह बात सामने आई कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि जुलाई 2017 का है. उस समय भी देवबंद में एक युवक, जिसका नाम वाहिद था, कांवड़ियों के ट्रक के नीचे कूद गया था और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी.
मीडिया रिपोर्टों से मिले सबूत
18 जुलाई 2017 को प्रकाशित ‘लाइव हिंदुस्तान’ और ‘अमर उजाला’ जैसी न्यूज़ वेबसाइटों में इस घटना की पुष्टि की गई थी.रिपोर्टों में बताया गया कि देवबंद का रहने वाला वाहिद, सड़क किनारे खड़ा था और अचानक कांवड़ ले जा रहे ट्रक के पिछले पहिए के नीचे लेट गया. घटना के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और सीधे अंतिम संस्कार कर दिया.
वायरल दावा क्यों है भ्रामक?
वायरल पोस्ट में वीडियो को 2025 की घटना बताया गया है और इसे सांप्रदायिक साजिश से जोड़ने की कोशिश की गई है. लेकिन तथ्य यह है कि वीडियो का वर्तमान में चल रही कांवड़ यात्रा से कोई संबंध नहीं है. इसे पुराने घटनाक्रम को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया.
ऐसे वीडियो से और अफवाहों से बचें
ये वीडियो 2017 का है, 2025 का नहीं,युवक का नाम वाहिद था और उसने खुद ट्रक के नीचे आकर जान दी थी.यह कांवड़ यात्रा को बदनाम करने या दंगा भड़काने की कोशिश जैसा दावा पूरी तरह से निराधार है.सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या सूचना को शेयर करने से पहले एक बार इसकी सत्यता की जांच कर ले.











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