News

Fact Check: नेताओं के सामने सोफे पर बैठ गया दलित! गुस्साएं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने की जमकर पिटाई, जानें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस VIDEO की सच्चाई

सोशल मीडिया पर कई वीडियो रोजाना वायरल होते है. जो कई बार सच होते है,लेकिन कई बार इन्हें गलत और झूठे दावों के साथ प्रसारित किया जाता है. जिसके कारण लोगों में संभ्रम फैलता है. ऐसा ही एक वीडियो उत्तर प्रदेश से सामने आया है.

Fact Check: नेताओं के सामने सोफे पर बैठ गया दलित! गुस्साएं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने की जमकर पिटाई, जानें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस VIDEO की सच्चाई
Credit-(Facebook)

Fact Check: सोशल मीडिया पर कई वीडियो रोजाना वायरल होते है. जो कई बार सच होते है,लेकिन कई बार इन्हें गलत और झूठे दावों के साथ प्रसारित किया जाता है. जिसके कारण लोगों में संभ्रम फैलता है. ऐसा ही एक वीडियो उत्तर प्रदेश से सामने आया है. जहांपर कुछ लोग एक युवक की जमकर पिटाई कर रहे है. इस वीडियो को भ्रामक दावें के साथ शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में बताया गया है कि ,' दलित नेता सोफे पर बैठ गया तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दलित युवक की जमकर पिटाई की और उसे अधमरा कर दिया. आगे लिखा गया है ,'यादवों ने दलित नेता को पीटा क्योंकि वह सोफे पर बैठ गया था। क्या यही है समाजवादी पार्टी की पीडीए नीति? लेकिन इस वीडियो की सच्चाई कुछ और ही निकली.

ये वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं है और नाही इस युवक को पीटनेवाले लोग समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता है, ये वीडियो महाराष्ट्र का है. इस वीडियो को फेसबुक पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के नाम से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Fact Check: उन्नाव में हिंदू लड़की ने छेड़छाड़ करने पर मुस्लिम युवक को पीटा? भ्रामक दावे के साथ वायरल हो रहा VIDEO, जानें सच्चाई

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दलित को पीटा?

फैक्ट चेक में फर्जी निकला दावा

'इंडिया टुडे फैक्ट चेक' की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह झूठा निकला.यह वीडियो समाजवादी पार्टी की किसी बैठक का नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के लातूर जिले का है. यहां एक मराठा संगठन के कार्यकर्ता को अजित पवार गुट के एनसीपी के लोगों ने पीटा था.

क्या थी घटना?

21 जुलाई को लातूर में एनसीपी नेता सुनील तटकरे की प्रेस कांफ्रेंस हो रही थी. उसी दौरान छावा संघटना नामक मराठा संगठन के कार्यकर्ताओं ने कृषि मंत्री मानिकराव कोकाटे के खिलाफ प्रदर्शन किया. उनका आरोप था कि मंत्री विधानसभा सत्र के दौरान मोबाइल पर गेम खेल रहे थे.प्रदर्शनकारियों ने प्रेस मीटिंग में ताश के पत्ते फेंके और नारेबाजी की, जिससे अफरातफरी मच गई. इसके बाद स्थानीय एनसीपी कार्यकर्ताओं ने छावा संघटना के सदस्यों को पास के कमरे में ले जाकर पीटा. यह पूरी घटना वीडियो में कैद हो गई, जिसे बाद में भ्रामक दावे के साथ वायरल किया गया.

किसके साथ हुई थी मारपीट?

वीडियो में पिटता दिख रहा व्यक्ति है विजयकुमार घाडगे, जो छावा संघटना के राज्य अध्यक्ष हैं.उन्होंने बताया कि वे मराठा समुदाय से आते हैं, यानी उंची जाति से.ना तो वे दलित हैं, और ना ही हमला करने वाले लोग सपा के कार्यकर्ता थे.उनके साथ कुछ ओबीसी कार्यकर्ता भी थे जिन्हें पीटा गया, लेकिन किसी भी तरह का जातीय भेदभाव नहीं हुआ.

मीडिया रिपोर्ट्स ने भी बताया था फेक दावा

'टाइम्स ऑफ़ इंडिया, लोकमत टाइम्स और इंडिया टुडे जैसे मीडिया रिपोर्ट्स ने पुष्टि की है कि यह घटना महाराष्ट्र में हुई और इसका सपा या जातीय राजनीति से कोई संबंध नहीं है.

'इंडिया टुडे' के महाराष्ट्र संवाददाता अनिकेत जाधव ने भी कहा कि इस मामले में कोई जातीय एंगल नहीं है.

ऐसे भ्रामक वीडियो पर भरोसा न करें और इसकी सच्चाई पता करें

सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो या जानकारी शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच अवश्य करें. फर्जी दावों से समाज में गलतफहमियां और तनाव पैदा हो सकते हैं. जिसके कारण ऐसे वीडियो को बिना सोचे समझे शेयर करने से बचे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2025 12:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).