Hindu Girl Beats Up Muslim Youth for Molesting Her in Unnao?: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक लड़की एक युवक को चप्पलों से पीटती नजर आ रही है. कई यूजर्स ने दावा किया कि यह घटना उत्तर प्रदेश के उन्नाव की है, जहां एक हिंदू छात्रा ने एक मुस्लिम युवक की इसलिए पिटाई कर दी क्योंकि वह उसे 10 दिनों से परेशान कर रहा था और उसका फोन नंबर मांग रहा था. वीडियो को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, लेकिन सच्चाई कुछ और ही निकली. वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए Invid टूल की मदद से की-फ्रेम्स निकाले और उन्हें गूगल लेंस पर रिवर्स सर्च किया. इस दौरान उन्हें वीडियो से मिलती-जुलती खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट मिले.
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उन्नाव में हिंदू लड़की ने छेड़छाड़ करने पर मुस्लिम युवक को पीटा?
सनातनी ऐसे कायर हो चुके हैं, ये नहीं बचा पाएंगे अपनी नारियां!
उन्नाव में कोख जिहादी अलीम शेख एक सनातनी छात्रा को फंसाने का प्रयास कर रहा था, नंबर माँग रहा था।
अंततः छात्रा ने स्वयं इसको सबक सिखाया, पर आसपास के सनातनी इस वीरांगना बालिका के साथ खड़े न होकर हिजड़े बनकर देखते रहे। pic.twitter.com/WwYJMyCUIX
— Tufail Chaturvedi (@TufailChaturve) July 20, 2025
ऐसे की गई पड़ताल
टीवी9 भारतवर्ष की रिपोर्ट में साफ बताया गया कि ये घटना वाकई उन्नाव जिले की है. रिपोर्ट में कहा गया कि एक छात्रा को एक युवक लगातार छेड़ रहा था, जिससे परेशान होकर उसने उसे सड़क पर पकड़ लिया और थप्पड़ व चप्पलों से उसकी पिटाई कर दी. वहां मौजूद लोग तमाशा देखते रहे और किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया.
उन्नाव पुलिस ने भी बताई सच्चाई
इस रिपोर्ट में युवक की पहचान नहीं बताई गई थी, लेकिन पुलिस की ओर से दी गई जानकारी से सब साफ हो गया. उन्नाव पुलिस ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से बयान जारी कर बताया कि आरोपी का नाम आकाश है, उम्र लगभग 20 साल, जो ब्रह्मनगर, पोनी रोड, गंगाघाट थाना क्षेत्र का निवासी है. यानी युवक और लड़की दोनों एक ही समुदाय से हैं.
सांप्रदायिक दावा निकला झूठा
इस तरह यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो के साथ फैलाया गया सांप्रदायिक दावा झूठा है. ना तो युवक मुस्लिम है और ना ही घटना का कोई धार्मिक एंगल है. यह सिर्फ एक छेड़खानी का मामला था, जिसे कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने जानबूझकर धर्म के चश्मे से दिखाने की कोशिश की.
वीडियो शेयर करने से पहले सच्चाई जांचें
सोशल मीडिया पर आए दिन झूठी और भ्रामक खबरें फैलाई जाती हैं, जो समाज में नफरत और भ्रम फैलाने का काम करती हैं. ऐसे में जरूरी है कि हम किसी भी वीडियो या खबर को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें.











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